झूठी शान के लिए जन्म देने वाली मां अपनी ही बेटी की जान की दुश्मन बन बैठी। बेटी के गांव के युवक से बातचीत करने पर समाज में हो रही बेइज्जती को लेकर परिवार के लोगों ने हत्या के बाद शव को ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने छात्रा की हत्या का खुलासा करते हुए पिता समेत तीन लोगों को जेल भेज दिया। महिला आरक्षियों को झांसा देकर फरार मृतका की मां की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
पट्टी कोतवाली के जलालपुर की रहने वाली शालिनी पाल की लाश 26 अप्रैल को घर के करीब जजनीपुर में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी हत्या मुंह व नाक दबाकर होने की बात सामने आई थी। इसके बाद पट्टी कोतवाल व स्वाट टीम घटना का अनावरण करने के लिए मोबाइल की काल डिटेल के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ करते हुए छानबीन करने लगी। शालिनी के पिता ने गांव के ही सूरज मिश्रा व राजमणि पांडेय पर शंका जताई थी। पुलिस ने सूरज को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
कई दिनों तक छानबीन के बाद शनिवार को पट्टी पुलिस ने शालिनी हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पट्टी कोतवाल ने बताया कि पूछताछ में शालिनी के पिता रामप्रसाद पाल ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। बताया कि शालिनी गांव के ही सूरज मिश्रा पुत्र राकेश कुमार मिश्रा निवासी उड़ैयाडीह (जजनीपुर) से बातचीत करती थी। वह चोरी-छिपे उसकी बेटी से मिलता जुलता था। इससे समाज में बहुत बदनामी हो रही थी। कई बार परिवार के लोगों ने शालिनी को समझाया, लेकिन वह मान नहीं रही थी।
25 अप्रैल की दोपहर सूरज मिश्रा उसकी बेटी शालिनी पाल से मिलने के लिए आया था। जिसे उसकी पत्नी आशा ने देख लिया। इस पर सूरज वहां से चला गया। बाद में शालिनी अपने भाई विवेक के मोबाइल से सूरज को फोन लगाकर बातचीत कर रही थी। शालिनी को बात करने से उसकी मां ने रोका। जिससे गुस्से में शालिनी चीखने चिल्लाने लगी और बोली कि तुम लोग मेरे ऊपर शंका करते हो, मैं तो बात करूंगी। यह सुनकर गुस्से में आकर शालिनी की मां आशा ने उसे जमीन पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़कर बैठ गई।
उसका मुंह व नाक कसकर दबा दिया। जिससे शालिनी की मौत हो गई। यह देख वह सभी घबरा गए। रात में भाई रामआसरे, बेटे विवेक की मदद से शालिनी के शव को सूरज मिश्रा के खेत के पास फेंक दिया गया था। घटना को अंजाम देने के बाद आशा पुलिस को झांसा देकर घर से भाग गई। जिसकी तलाश जारी है। शुक्रवार की रात मृतका शालिनी के पिता रामप्रसाद, भाई विवेक पाल, चाचा रामआसरे को उड़ैयाडीह चौराहे के पास से गिरफ्तारी दिखाते हुए पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया।
शालिनी की मौत के बाद परिवार के लोग घबरा गए थे। रात करीब नौ बजे विवेक पाल बीड़ी लेने के बहाने घर से कुछ दूरी पर रामकृपाल की दुकान पर गया ताकि वहां लोगों की मौजूदगी का पता चल सके। उस रात आंधी-पानी भी आया था। राम प्रसाद समेत परिवार के लोगों ने शालिनी के शव को सूरज के खेत में फंसाने के लिए फेंका था। ताकि घटना की जानकारी के बाद सूरज को आरोपी बनाया जा सके।