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फर्जी मुठभेड़ में दरोगा समेत तीन लाइन हाजिर

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फर्जी मुठभेड़ की कहानी रचने और जबरन निर्माण कराने वाले दरोगा समेत तीन पुलिसकर्मियों को शिकायत के बाद लाइन हाजिर कर दिया गया। मुठभेड़ में गिरफ्तार युवक के भाई की शिकायत पर अपर पुलिस अधीक्षक ने छानबीन कर अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को दी थी। कोहड़ौर थाने में तैनात दरोगा कबीरदास ने 4 जून को चंद्रभानपुर नहर के पास से रोहित सरोज निवासी सरायशंकर को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार करते हुए उसके साथी हरि प्रताप सिंह उर्फ गोलू निवासी सरायशंकर के भाग जाने का मुकदमा दर्ज कराया था। रोहित को जेल भेजते हुए उसके पास तमंचा की बरामदगी दिखाई गई थी। इस मामले की शिकायत रोहित के भाई त्रिभुवननाथ सरोज ने पुलिस अधीक्षक से करते हुए कुछ वीडियो क्लिप दी।
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जिसमें पिस्टल पुलिस को सौंपने की बात सामने आई। पुलिस मौके से ही रोहित व दो अन्य लोगों को पकड़कर थाने ले आई। बाद में रोहित को मुठभेड़ में जेल भेजने की बात पुलिस की कहानी में बताया गया। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद को जांच सौंपी। जिसमें आरोप सही साबित हुए। दरोगा कबीरदास के ऊपर जबरन निर्माण कराने का भी आरोप लगा था। रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक ने दरोगा कबीरदास, सिपाही पुष्पेंद्र व चालक केके को लाइन हाजिर कर दिया।
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