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अबकि दशहरी, चौसा और लंगड़ा में नहीं मिलेगी मिठास

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उतार-चढ़ाव भरे मौसम का असर फलों के राजा आम पर भी देखने को मिलेगा। इस बार दशहरी, चौसा और लंगड़ा में वह मिठास नहीं रहेगी। मई और जून में गर्म हवाएं न चलने और मौसम में परिवर्तन से इस बार-बार स्वाद भी बदला-बदला रहेगा। दरअसल, आम के फलों में मिठास घोलने वाली पश्चिमी हवाएं यानि लू का असर इस बार नहीं रहा है। जिला उद्यान विभाग का कहना है कि मई माह में चलने वाली पश्चिमी हवाओं से आम के फलक में परिपक्वता आती है। यह हवाएं मिठास भी बढ़ाती हैं। हालांकि पैदावार पर कोई असर नहीं पड़ा है।
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जिले में आंवला के साथ ही आम का भी उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। कुंडा, लालगंज, पट्टी व सदर क्षेत्र में फलपट्टी है, जहां सैकड़ों हेक्टेअर में आम के बाग हैं। इन फल पट्टियों में दशहरी, चौसा, फजली, लंगड़ा सहित कई अन्य प्रजाति के आम बड़े पैमाने पर पैदा किए जाते हैं। लखनऊ की तरह प्रतापगढ़ के दशहरी आम की भी काफी डिमांड है। सिर्फ देश के बड़े महानगरों तक ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी इसका निर्यात होता है। आम की पैदावार के लिहाज से यहां का वातावरण भी अनुकूल है। यहां के दशहरी की मिठास भी इसकी पहचान है। मगर इस बार लोगों को आम में मिठास कम मिलेगी। अन्य फसलों की तरह ही फलों के राजा आम की मिठास पर भी मौसमी उतार-चढ़ाव का असर पड़ेगा।
जानकारों का कहना है कि अप्रैल के अंतिम चरण से लेकर पूरे मई माह तक चलनी वाली पश्चिमी हवाएं आम के फलक के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती हैं। यह हवाएं आम के फलों को परिपक्वता प्रदान करती हैं। पश्चिमी हवाओं में तपने वाले आम के फलकों में मिठास प्रचुर मात्रा रहती है। आमतौर पर प्रतिवर्ष अप्रैल व मई माह में पश्चिमी हवाएं सक्रिय रहती हैं, मगर इस बार ऐसा दिखने को नहीं मिला है। अप्रैल व मई माह में तीन से चार दिन ही पश्चिमी हवाओं में बेग दिखा। इसके बाद पुरवा हवाएं सक्रिय हो गईं। दोनों महीनों में उतार-चढ़ाव भरा मौसम रहा। इसका असर आम पर भी पड़ेगा। आमों में वह मिठास नहीं मिलेगी।
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पश्चिमी हवाओं से आम की मिठास बढ़ती है। इस बार मई के महीने में पश्चिमी हवाएं यानि लू का असर नहीं रहा। इससे आम के फलों की मिठास में कमी आएगी। हालांकि पैदावार पर कोई असर नहीं है।
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एके दूबे, जिला उद्यान अधिकारी
तरबूज व खरबूजे पर भी रहा असर, दुकानदारों को खूब मिलीं शिकायतें
तरबूज व खरबूज के फलों पर भी असर पड़ा है। पश्चिमी हवाएं न चलने से इनकी मिठास में भी इस बार कमी आई। दुकानदारों को खूब शिकायतें मिलीं।
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