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28 दिन में 2232 कॉल, सिर्फ एक ही शिकायत राशन नहीं दे रहा कोटेदार

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सरजी, मैं रंजीतपुर चिलबिला से संगीता बोल रही हूं, मेरे पास अंत्योदय कार्ड है, मगर कोटेदार चावल नहीं दे रहा है। पांच दिन से आज आइए और कल आइए बोलते हैं। सर क्या हमें राशन नहीं मिलेगा। तहसीलदार के फोन काटते ही दूसरा फोन आया कि आप कंट्रोल रूम से बोल रहे हैं, मेरा नाम पुष्पा है, मैं तेलियानी आसपुर देवसरा से बोल रही हूं, कोटेदार परेशान कर रहा है, चावल नहीं दे रहा है।
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सदर तहसील में बने कंट्रोल रूम में ऐसी शिकायतें दिनभर आती रहती हैं। जिले के सभी पांचों तहसीलों और मुख्यालय पर स्थित कंट्रोल रूम में दिनभर कोटेदार की शिकायतें आ रही हैं। लोग घर में कुछ भी खाने के लिए न होने की बात कहकर मदद मांग रहे हैं। तहसील मुख्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम के नंबर की जानकारी कम लोगों को होने के कारण प्राय: कुंडा, पट्टी और लालगंज की शिकायतें भी यहीं आ रही हैं। हालांकि जो शिकायतें जिस तहसील की होती हैं, उसी को सौंपी जाती हैं। जिले में अभी तक 2232 शिकायतें आई हैं। जिसमें प्रारंभिक दिनों में बाहर से आने वाले लोगों की सूचनाएं आ रही थीं, मगर अब सिर्फ दो तरह की शिकायतें आती हैं। कि घर में खाने के लिए कुछ भी नहीं है, दूसरा कोटेदार राशन नहीं दे रहा है या कम दे रहा है। हालांकि अधिकारी भी गांव जाने के बजाय नीचे के कर्मचारियों को फोनकर करके मामले को निस्तारित कर रहे हैं।
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