दो दिन के भीतर 250 परदेसी अपने गांव पहुंचे। ग्रामीण तो दूर अब परिजन उन्हें संदेह की नजर से देख रहे हैं। सभी की थर्मल स्क्रीनिंग कराने के बाद स्कूलों व घरों में क्वारंटाइन कराने का दावा किया जा रहा है। जिन परदेशियों के स्वास्थ्य को लेकर संदेह होता है, उनकी कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजी जा रही है।
बेलखरनाथ सामुदायिक क्षेत्र में परदेसियों के आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन लोग ट्रक, पैदल व दूसरे संसाधनों से घर लौट रहे हैं। मुंबई, दिल्ली, गुजरात से आने वाले परदेसियों को देखते ही लोग चौंक जा रहे हैं। यदि कोई अस्पताल से बिना जांच कराए घर पहुंचता है तो उसे तत्काल जांच के लिए सीएचसी भेजा जा रहा है। 4 व 5 मई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलखरनाथ में 250 परदेसियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उन्हें घर में क्वारंटाइन रहने का सुझाव दिया गया। बहुत से लोगों को प्राइमरी स्कूलों में रुकने के लिए कहा गया। परदेसियों के आने से गांव में हलचल तेज हो गई है। लोगों में उन्हें लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है। लगातार परदेसियों के आने का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है।
इन सभी पर प्रशासन नजर रखने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे इतर है। भले ही लोग परदेसियों को क्वारंटीन रहने का दावा करते हैं, लेकिन वह बाइक से बाजारों में घूमते नजर आ रहे हैं। मेडिकल आफीसर डा. अपूर्व श्रीवास्तव व डा. उर्मिला साहू ने बताया कि लोगों को बचाव के साथ-साथ क्वारंटाइन रहने के लिए कहा जा रहा है। उन्हें शारीरिक व सामाजिक दूरी के साथ रहने की सलाह दी जा रही है। जिन लोगों पर संदेह होता है। उनकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भेजकर जांच कराने के लिए कहा जाता है।