बारिश में बढ़ रहे सर्पदंश के मामले, 10 दिन में 28 मामले पहुंचे मेडिकल कॉलेज
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। बारिश का मौसम आते ही सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। आंवला नगरी में जागरूकता का अभाव है, इसलिए अधिकतर लोग सांप काटने के बाद पीड़ित को अस्पताल नहीं ले गए। झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए। इस कारण कई लोगों की जान चली जाती है। जिले में इस तरह की घटनाएं हो चुकी है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि पीड़ित को समय से अस्पताल लाकर उपचार कराया जाए तो जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। मेडिकल कॉलेज में बीते दस दिनों के भीतर सांप काटने के 28 से अधिक मामले आ चुके हैं।
गर्मी के बाद जब बारिश का मौसम आता है तो खेती-बारी का काम भी तेज हो जाता है। इस बीच बारिश के कारण सर्प खेत से निकलकर छांव की ओर जाने का प्रयास करने लगते हैं। वे भुसौल, उपली रखने वाले स्थान या किसी ऐसे स्थान पर छिपे होते हैं जहां बारिश की बूंदें या पानी कम जाए।
ऐसे स्थानों पर काम करते समय कई बार लोगों को सांप डस लेता है। घबराए लोग अस्पताल न जाकर झाड़-फूंक कराने लगते हैं। ऐसे में मरीज की हालत बिगड़ जाती है।
सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ला का कहना है कि सर्पदंश की घटनाओं में तत्काल अस्पताल जाना चाहिए। वहां एंटी स्नैक वेनम इंजेक्शन लगवाना चाहिए। झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। उन्होंने बताया कि सांपों के दांत के नीचे विष की थैली होती है। जब सांप डसता है तो विष लोगों के शरीर में चला जाता है। खून के माध्यम से वह पूरे शरीर में फैल जाता है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। समय से इलाज न मिलने पर लोगों की जान भी चली जाती है। इसलिए समय से इलाज कराना जरूरी होता है।
सांप काटने के बाद ये करें-
- 20 मिनट से पहले शरीर को जाने वाली नसों को किसी अंगौछे या सूती कपड़े से बांध दें।
- सांप ने जिस स्थान पर काटा है, उस स्थान को बीटाडिन या स्क्रब साल्यूशन से साफ करें।
- शरीर में विष न फैल पाए, इसलिए पीड़ित को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराएं।
- मरीज को तनाव न होने दें, उसे शांत रखने की कोशिश करें।
- पीड़ित व्यक्ति के शरीर से घड़ी, कंगन, अंगूठी, पायल, चेन आदि उतार दें।
- पीड़ित को जगाकर रखें, उसे सोने न दें।
-पीड़ित को सीधा लिटाकर रखें, शांत रखने से जहर फैलने में रुकावट होती है।
- बंधन को इतना मजबूत न बांधे तो मांशपेशियां मर जाएं
सर्प दंश के लक्षण
सर्प दंश में व्यक्ति को बेहोशी आती है। डसने वाले स्थान पर पिन चुभोने के जैसे दो निशान नजर आते हैं। कुछ देर में मुंह और नाक से झाग और खून आने लगता है।