विधानसभा चुनाव में कूदने वाले उन प्रत्याशियों की उम्मीदवारी पर संकट खड़ा हो सकता है, जो नामांकन करने में देरी कर सकते हैं। हालांकि नामांकन कक्ष में तीन बजे तक दाखिल होने वाले प्रत्याशियों का पर्चा लेना चुनाव अधिकारी की मजबूरी होगी। मगर, किन्हीं कारणों वश प्रत्याशी तीन बजकर पांच मिनट पर पहुंचता है तो उसका नामांकन अस्वीकार कर दिया जाएगा।
जिले की सात विधानसभा सीटों पर चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन है। नामांकन का समय पूर्वान्ह ग्यारह बजे से तीन बजे तक निर्धारित किया गया है। मगर, घर से निकलने वाले प्रत्याशी शक्ति प्रदर्शन में अधिक समय गंवाने के कारण नामांकन स्थल पर देर से पहुंचते हैं। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि अगर प्रत्याशी कचहरी में पहुंच भी गए हैं तो उनको तब तक अंदर नहीं जाने दिया जाता है, जब तक नामांकन कक्ष में मौजूद प्रत्याशी बाहर नहीं निकल जाता है। ऐसे में नामांकन का समय बीतने पर प्रत्याशियों को निराश होकर लौटना पड़ता है। बाबागंज से भाजपा प्रत्याशी तीन जनवरी को शुभ घड़ी में इसलिए नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर पाए कि वह ढाई बजे के बाद कचहरी पहुंचे। पहले से ही कक्ष में एक प्रत्याशी थे। कागजी कोरम पूरा करके जब तक तक वह निकलते तब तक समय सीमा समाप्त हो चुकी थी।
सदर के एक प्रत्याशी भी शनिवार को दो सेटों में नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे थे, मगर जब वह कक्ष में दाखिल हुए तो उस समय तीन बजकर पांच मिनट हो गए थे। इससे उन्हें वापस होना पड़ा। रानीगंज, रामपुर खास और पट्टी में देर से आने वाले निर्दलीय प्रत्याशियों को वापस कर दिया गया।जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी राम सिंह वर्मा ने बताया कि सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन है। इसलिए प्रत्याशियों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है।