मानिकपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सनकी पति ने पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को घर से ही लगे तालाब में दबा दिया। थोड़ी देर बाद उसका आठ महीने का बच्चा भूख से रोने लगा। इस पर वह उसके लिए पड़ोसियों से दूध मांगने पहुंचा तो उन्होंने पूछताछ शुरू कर दी। शक होने पर उन्होंने महिला की बहन को फोन कर दिया। इसके बाद पुलिस की पूछताछ में पूरा मामला खुल गया। रात के 11 बजे महिला का शव तालाब से निकलवाया गया।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के लाटतारा गांव निवासी धर्मवीर उर्फ भाष्कर पुत्र सुखराम की शादी ज्योति (20) पुत्री सुरेश निवासी भदशिव से दो साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही वह पत्नी को मारता-पीटता था। इसको लेकर कई बार पंचायत हुई। धर्मवीर की हरकतों से तंग आकर उसके माता-पिता घर छोड़कर बेटी के यहां रहने चले गए। उसका छोटा भाई भी बहन के यहां रहने लगा। सास-ससुर के न होने के कारण ज्योति अकेली हो गई। इसके चलते उसके साथ और भी मारपीट की जाने लगी। अभी चार दिन पहले जब उसे धर्मवीर ने पीटा तो वह मुंदीपुर निवासी अपनी बहन रूपा के माध्यम से थाने पहुंच गई। थाने में दोनों पक्षों के बीच जब बातचीत हुई तो भी ज्योति उसके साथ जाने को तैयार नहीं थी। बावजूद इसके परिवार चलाने की गरज से उसे समझाकर उसके साथ भेज दिया गया। गुरुवार को ज्योति और धर्मवीर के बीच दिन में 11 बजे ही विवाद हो गया। इस पर धर्मवीर ने उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी।
बेहोशी की हालत में ही धर्मवीर ने घर से लगे तालाब में उसे ले जाकर पानी के अंदर दफन कर दिया। इसके बाद जब उसका आठ महीने का बच्चा वीरू रोने लगा तो वह गांव में दूध की तलाश करने लगा। पड़ोसियों ने उसकी मां के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वह कहीं चली गई है। शक होने पर पड़ोसियों ने ज्योति की बहन रूपा को फोन किया। रूपा थाने से पुलिस को साथ लेकर पहुंची। पुलिस की पूछताछ में पहले तो धर्मवीर उसके तालाब में गिरने की बात कहता रहा, लेकिन दबाव पड़ने पर हत्या और शव दफनाने की बात स्वीकार ली। इस पर पुलिस ने रात के 11 बजे तालाब से शव निकलवाया और भोर में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।