बेल्हा की नई पौध शिक्षा के मैदान में सफलता के झंडे गाड़कर नया कीर्तिमान रच रही है। जिले के होनहारों ने यह साबित कर दिया है कि अभाव और पिछड़ा होने का दंश अब उन्हें नहीं झेलना। वे हर कदम पर खुद को साबित करने में जुटे हैं। पहले आईआईटी और अब उसके बाद आईएएस की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर यहां के मेधावियों ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी से कम नहीं है।
आईआईटी की परीक्षा में रेहुआ लालगंज निवासी राजू सरोज व उसके भाई बृजेश ने ऐसी कामयाबी हासिल की कि जिले का नाम न सिर्फ प्रदेश बल्कि पूरे देश में गूंज उठा। इसी परीक्षा में कल्यानपुर लालगंज के कपूर सरोज और कुंडा के ऐठूलालका पुरवा निवासी सुभम यादव ने भी कामयाबी हासिल कर जिले का मान बढ़ाया। इतना ही नहीं आईआईटी की परीक्षा में पट्टी के विनैका निवासी तरुण यादव ने भी सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि जिले में मेधा की कमी नहीं है। अभावों और गरीबी से जूझते हुए उसने अपना मुकाम बनाया।
इन बच्चों की कामयाबी का जश्र जिले के लोग मना ही रहे थे कि शनिवार को आए आईएएस के रिजल्ट ने उन्हें इतराने का मौका दे दिया। आईएएस की परीक्षा में सांगीपुर स्थित इटौरी गांव निवासी माधवी और उनके भाई योगेश को एक साथ बड़ी सफलता मिली। इसी तरह सांगीपुर के ही सचिन कुमार अग्रहरि और पट्टी/ गायत्रीनगर बलीपुर निवासी मनीष कुमार खरे ने भी आईएएस की परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया कि जिले के युवा अब अपना मुकाम बनाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। हर कदम पर अपने को साबित कर रहे हैं। इन बच्चों की सफलता ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों में नया जोश भर दिया है। उन्हें रास्ता दे दिया है अपने को साबित करने का। कड़ी मेहनत करने और सपनों को हकीकत में तब्दील करने का।