सांगीपुर के होनहार सचिन ने आईएएस की परीक्षा में 94वीं रैंक हासिल कर देश में प्रतापगढ़ जिले का परचम लहरा दिया। पहले ही प्रयास में सफलता मिलने से परिजनों व क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 23 साल की उम्र में ही सचिन को यह मुकाम हासिल हुआ है। सांगीपुर कस्बे के किराना व्यवसायी अनिल अग्रहरि के छोटे बेटे सचिन कुमार अग्रहरि ने आईएएस की 2014 की परीक्षा में सफलता हासिल कर देश में नाम रोशन कर दिया है। सचिन की सफलता से पिता अनिल अग्रहरि व माता अशोक कुमारी समेत परिजन व क्षेत्रीय लोग खुशी से गदगद हैं। सचिन बचपन से ही मेधावी था। उसने कक्षा आठ तक की पढ़ाई सांगीपुर स्थित न्यू पब्लिक स्कूल से की। कक्षा आठ की पढ़ाई पूरी करने के बाद सचिन ने रायबरेली के एसजेएस स्कूल में दाखिला लिया।
यहां से उसने हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा 90 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इंटर के बाद वह मथुरा स्थित जीएलए इंजीरियरिंग कालेज से बीटेक करने चला गया। बीटेक पास करने के बाद सचिन ने आईएएस 2014 की परीक्षा में बैठने के लिए फार्म भरा। फार्म भरने के बाद दिल्ली के राजेन्द्र नगर स्थित बाजीराम कोचिंग संस्थान से दस माह तक तैयारी की। बचपन से ही मेधावी रहे सचिन के सफलता की उम्मीद परिजनों को पहले से थी। शनिवार को दोपहर जैसे ही आईएएस 2014 का परिणाम घोषित हुआ और सचिन को देश में 94वीं रैंक हासिल होने की जानकारी हुई, पूरा सांगीपुर कस्बा आतिशबाजी से गूंज उठा। सचिन की सफलता पर उसके घर पहुंचकर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। सचिन सामान्य परिवार का है। उसका बड़ा भाई विपिन कुमार अग्रहरि घर पर रहकर पिता के काम में हाथ बटाता है। माता अशोक कुमारी गृहणी है। सचिन की एक बड़ी बहन रुचि है। जिसकी शादी हो चुकी है।