‘मैं प्रसन्न हुआ...तेरी पूजा सफल हुई...धनवानों को देख कर कुंठित मत हो...तू पूरी लगन से प्रयास और मेहनत कर...जल्द ही तू भी धनवान होगा।’ दीपावली पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्तियां ऐसे ही आशीर्वाद भक्तों को देंगी। दरअसल यह आवाज विद्युत चालित मूर्तियों से आएगी। दुकानों पर इस तरह की चीजें बाजार में पहुंचे लोगों को खूब लुभा रही हैं।
रोशनी के पर्व दीपावली की तैयारियां जिले में जोरों पर हैं। दुकानों पर तमाम तरह की विद्युत चालित मूर्तियां सज गई हैं। दुकानों पर सजी मूर्तियां बिजली के जरिए बाकायदा बोलती भी हैं। करीब एक घंटे बाद भगवान गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों से आवाज आती है। वह पूजा से प्रसन्न होने और धनवान बनने का मंत्र भी देतीं हैं। दीपावली पर पुरोहित काफी व्यस्त हो जाते हैं। ऐसे में तमाम लोगों के घर पूजा के समय मंत्रोच्चार नहीं हो पाता। आधुनिक बाजारों ने इस बात का भी पूरा खयाल रखा है। मूर्ति का तार करंट से जोड़ने पर पूजन विधि के साथ बाकायदे मंत्रोच्चार भी शुरू हो जाता है। कब किस तरह से क्या भक्तों को करना है। यह बात भी वह मूर्ति बताती है। मूर्ति विक्रेता सौरभ ऊमरवैश्य कहते हैं कि हाइटेक विद्युत चालित मूर्तियां लोगों को खूब पसंद आ रही है।
भगवान को चढ़ेंगे काशी की कला से बने फूल
काशी के हाथों की कला जिले में खूब रास आ रही है। रंग-बिरंगे कपड़ों से आकर्षक फूलों के हौर और गुलाब, गेंदा, जैसे पुष्प बाजार में मौजूद हैं। इनमें तोरण नामक हार की कीमत असली से कई गुना अधिक है। एक हार 60 से 65 रुपये में बिक रहा है। जबकि लड़ी यानी बनावटी फूलों व उसमें लगी पत्ती वाले लम्बी माला की कीमत 120 से 150 रुपए तक बाजार में है। विक्रेता इन सामग्रियों को वाराणसी से खरीद कर जनपद में बिक्री के लिए लाएं हैं।