जल निगम द्वारा 62 करोड़ की परियोजनाओं के कार्यों में सरकारी धनराशि के बंदरबाट को लेकर अफसरों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना को लेकर झाम पैदा हो गया है। आरोपी बनाए गए कई जेई प्रमोशन पाकर एई बन गए हैं तो कई सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस कार्रवाई से बुधवार को जल निगम कार्यालय में हडक़ंप मचा रहा।
सतर्कता दल प्रयागराज के निरीक्षक एनआर सरोज ने मंगलवार को नगर कोतवाली में जल निगम के पूर्व एक्सईएन राजेश खरे, अवर अभियंता सुधीर श्रीवास्तव, अरुण कुमार श्रीवास्तव सहायक अभियंता, सुधीर कुमार गंगे एई, तौसीफ अहमद जेई, इंद्राज मौर्य एई, सुरेश चंद्रलाल एई, अनुराग यादव जेई, समर बहादुर सिंह एई, रामवृक्ष एई, ठेकेदार देशराज सिंह व बालाजी कंपनी के खिलाफ 62 करोड़ की परियोजनाओं की धनराशि में बंदरबाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।
इस कार्रवाई से जल निगम में खलबली मची हुई है। नगर कोतवाल सुरेंद्रनाथ ने बताया कि पहले तो क्राइम ब्रांच या सतर्कता दल को विवेचना करने की बात हो रही थी। अब कोई राजपत्रित अधिकारी दर्ज मुकदमे की विवेचना करेंगे।