चांदी सी चमकती धूप की आग जैसी जलती किरणों से शनिवार को जिला दिनभर झुलसता रहा। पछुआ हवाओं की जलन से हर किसी का बदन बेहाल रहा। तापमान का पारा इतना चढ़ा कि शनिवार इस वर्ष की गर्मी का सबसे गर्म दिन आंका गया। तेज तीखी धूप की चमक आंख को बर्दाश्त नहीं हो रही थी। नकाब बांधकर घर से निकले लोगों का भी सिर धूप से चकरा रहा था। कदम दस कदम बाद रुक कर लोग पानी गटकते रहे।
गर्मी का रुख दो दिन से काफी तल्ख हो चुका है। सूरज के निकलते ही आसमान से आग बरस रही है। शनिवार को पड़ी गर्मी से पूरा जिला बेहाल हो गया। सूर्यदेव की किरणें काफी तीखी थीं। चांदी सी चमकती धूप की तरफ लोग देखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। वजह ये थी कि धूप पर नजर डालते ही आंखें चमकने लगती थीं। धूप व गर्मी को देखते हुए इससे बचाव का सारा जतन कर लोग घर से बाहर निकले। हर कोई चेहरे से लेकर सिर तक को गमछे से बांधे रहा। महिलाएं व युवतियां भी नकाब में नजर आईं।
धूप से बचने के लिए वे पूरे हाथ में कपड़े का दस्ताना पहने रहीं। गर्मी इस कदर थी कि कमरे के अंदर बोतल में रखा ठंडा पानी आधे घंटे में गर्म हो गया। मजबूरन घर से निकले लोगों का सिर गमछा बांधने के बाद भी चकराता रहा। बेइंतहां इस गर्मी व धूप की वजह से तापमान का पारा इतना चढ़ा कि लोग उफ कर उठे। मौसम जानकार सुरेन्द्र प्रजापति ऐसे हालात की वजह रेगिस्तान की ओर से आने पछुआ हवाओं को बता रहे हैं। कहा कि पछुआ हवा के कारण मौसम इतना गर्म रहा। उन्होंने बताया कि सुबह का न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस व दोपहर का अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस गर्मी में किसी भी दिन अब तक इतना तापमान नहीं रहा।