दो दिनों से मौसम खराब होने से धान उत्पादक किसानों की जान सूख रही है। बृहस्पतिवार को दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। आंखों के सामने उपज को भीगते देख किसान उसे बचाने के जुगत में लगे रहे। करीब एक लाख हेक्टेयर फसल अभी खेतों में है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी तेज हवा संग बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सांगीपुर के गोड़वा निवासी प्रदीप पाठक, काली प्रसाद सरोज, पिंटू सरोज और छोटे लाल ने बताया कि करीब 20 बीघा फसल भीग गई है। कटी फसल को खेत में एक जगह इकट्ठा किया लेकिन पानी के कारण फसल के सड़ने का अंदेशा बढ़ गया है।
लक्ष्मणपुर के अमरौना निवासी बच्चा मिश्रा ने बताया कि उनकी 10 बीघा फसल भीग गई है। काट कर रखी गई दो बीघा फसल को अधिक नुकसान हुआ है।
किसानों को यह चिंता भी सता रही है कि भीगने की वजह से उन्हें उपज बेचने में दिक्कत होगी। एक नवंबर से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू हो रही है। वहां खरीदी नहीं जाएगी। निजी केंद्र औने-पौने दाम पर लेंगे।
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जनपद में 1.43 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती की गई है। अभी तक करीब 43 हजार हेक्टेयर फसल की कटाई हुई है। बारिश के चलते अधिकांश फसल भीग गई है। किसानों से अपील है कि वह कटे हुए धान को ऊंचे स्थान पर रखें। निचली जगहों पर पानी निकासी की व्यवस्था करें ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।