जिले के हॉकी खिलाड़ियों ने खुद के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। लेकिन, अब हॉकी की उभरती प्रतिभाओं को अभ्यास करने के लिए मैदान तक नहीं मिल रहा है।
स्टेडियम में दो साल पहले खेलो इंडिया योजना के तहत हॉकी सेंटर की स्थापना हुई थी। इसके बाद 30 खिलाड़ियों को पंजीकृत किया गया था। हॉकी सेंटर के लिए कोच की नियुक्ति और खिलाड़ियों को खेल किट उपलब्ध कराई गई। लेकिन, खेल मैदान की कमी से वह अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
स्टेडियम में स्थित मैदान काफी छोटा है। जिस कारण खिलाड़ी ठीक से अभ्यास नहीं कर पाते हैं। मैदान की कमी के कारण हॉकी खिलाड़ी राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में अभ्यास करते हैं।
वर्जन
स्टेडियम का मैदान छोटा होने के कारण अभ्यास में परेशानी होती है। जीआईसी मैदान में अभ्यास करना पड़ता है।
प्रिंसी यादव, हॉकी खिलाड़ी
स्टेडियम में मैदान छोटा होने के कारण जीआईसी में अभ्यास करना पड़ रहा है। खेल मैदान भी बेहतर नहीं है। रिया गौड़, हॉकी खिलाड़ी
मैदान बड़ा हो तो अभ्यास में सहूलियत मिले। अब हॉकी मैच एस्ट्रोटर्फ पर हो रहे हैं। जिले में खेल मैदान की दिक्कत है।
वानिया सैफ हॉकी खिलाड़ी
-वर्जन-
स्टेडियम के विस्तारीकरण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर जल्द ही हॉकी खिलाड़ियों के लिए बड़ा मैदान तैयार होगा।
पूनमलता राज, जिला क्रीड़ाधिकारी