बेल्हा की गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखने के लिए रविवार को अमनपसंद लोग सड़कों पर उतरे। एक दूसरे के हाथ थामकर हिन्दू, मुस्लिम, सिक्ख व इसाई धर्म के लोगों ने साथ-साथ चलने का संकल्प लिया। जिले में भाईचारा व अमन कायम करने के लिए हजारों हाथ उठे।
जमीयत उलमाए हिन्द की ओर से रविवार को अमन शांति मार्च मौलाना मुफ्ती जमीलुर्रहमान की अगुवाई में जामा मस्जिद सिप्तैन रोड से निकाला गया। जिसमे अमनपसंद हजारों लोगों ने शिरकत किया। इस अमन मार्च में हर मजहब के लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। हजारों की तादात में लोग आसपी सौहार्द व एकता का नारा बुलंद करते रहे। बीच-बीच में दूर करो नफरत की धूल, बांटों सबको प्यार का फूल, आओ मिलकर काम करें, प्यार मोहब्बत आम करें। मार्च में बुजुर्गो का साथ देने के लिए नौजवान और बच्चे भी थे। सुरक्षा की कमान सीओ सिटी सुधीर कुमार और कोतवाली पुलिस संभाले रही। सिप्तैन रोड से निकला जुलूस अंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर सभा में बदल गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रूप में जमीयत उलमाए हिन्द दिल्ली के जनरल सेक्रेटरी मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि आज पूरे देश में 744 स्थानों पर अमन शांति मार्च निकाला गया। इस जुलूस का मुख्य उद्देश्य यह है कि समाज में सभी धर्म के लोग आपस में सद्भाव से रहें। इस मुल्क में हिन्दू , मुस्लिम एकता का परचम गांव-गांव लहराना है। विशिष्ट अतिथि ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि देश की जंगे आजादी में 1857 से लेकर 1947 तक हिन्दू, मुस्लिम , सिक्ख ने मिलकर कुर्बानियां दीं। यह मुल्क हिन्दू व मुसलमान दोनों का है। वक्ताओं ने कहा कि आज देश में कुछ लोग समाज को बांटने की साजिश भले रच रहे हैं, लेकिन सभी को मिलकर ऐसी ताकतों को रोकना होगा। इस मौके पर पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह यादव मुन्ना, शिक्षक नेता राजाराम पांडेय, मौलाना अब्दुल वहीद, आचार्य ओम प्रकाश मिश्रा, योगेंद्र , पूर्व विधायक श्याद अली, जब्बार अहमद, रामनरेश पांडेय, माइनारटीज वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष मौलाना ताजदार अहमद, जफरुल हसन, सलीम, मौलाना फखरुज्जमा, इसरार, मौलाना शमशाद, मौलाना फारुख, आल इंडिया जमायतुल हवारीन के प्रदेश अध्यक्ष रफीक, अब्दुल जब्बार, हाफिज रुकनुद्दीन समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।