जिले की मुस्लिम बस्तियों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अल्पसंख्यक विभाग को पहली बार विकास कार्यों का जिम्मा सौंपा गया है। इसके तहत विभाग बस्तियों में हाईमास्ट और वाटर वेंडिग मशीन लगवाएगा। शासन के निर्देश पर विभाग ने बस्तियाें का सर्वे का काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में शहर की बस्तियों को जगमग करने के साथ शुद्ध पानी मुहैया कराने की योजना है। इसके बाद टाउन एरिया और ग्राम पंचायतों में काम होगा।
अल्पसंख्यक विभाग ने मुुस्लिम बहुल इलाकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बीड़ा उठाया है। इन बस्तियों में प्रकाश और पानी की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त की जाएगी। बता दें कि विभाग ने पहली बार विकास कार्यों की तरफ कदम बढ़ाया है। इसके पूर्व सिर्फ बच्चों का वजीफा और परीक्षा कराना ही विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी होती थी। पहले चरण में शहरी इलाकों की बस्तियां रोशन होंगी, उसके बाद ग्रामीण इलाकों की बारी आएगी। साढ़े तीन लाख रुपये से लगने वाले हाईमास्ट के लिए इन दिनों सर्वे कार्य चल रहा है। विभाग की दूसरे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में वाटर वेंडिंग मशीन लगाने की तैयारी की है। एटीएम में एक रुपये का सिक्का डालते ही एक लीटर पानी मिलेगा।
यह वाटर वेंडिंग मशीन स्कूलों के आसपास लगाई जाएगी, जहां गर्मी के दिनों में बच्चे और शिक्षक अपनी प्यास बुझा सकेंगे। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सिंह प्रताप देव ने बताया कि शासन की पहल पर हाईमास्ट लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। स्थानों के चिह्नित होते ही अगले माह एटीएम लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। उन्होेंने बताया कि वाटर एटीएम लगने से शहर के लोगों को शुद्ध पानी पीने को मिलेगा।