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दरोगा से तकरार के बाद कर्मचारियों ने ठप कर दीं स्वास्थ्य सेवाएं 

Thu, 30 May 2019 12:15 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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fight - फोटो : pratapgarh
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सीएचसी पट्टी में घायल की मेडिकल रिपोर्ट को लेकर दरोगा व चिकित्सक में हुई तकरार ने तूल पकड़ लिया। नाराज चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्यकर्मी भी एकजुट हो गए और ओपीडी बंद कराने के साथ अस्पताल की सारी सेवाएं ठप कर दी गईं।
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जिससे मरीज इधर-उधर भटकने लगे। मामला बढ़ते देख दरोगा वहां से चला गया। बाद में अधीक्षक की अगुवाई में बैठक कर घटना पर नाराजगी जताते हुए डीएम व मुख्य चिकित्सकाधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। बुधवार को पूरा दिन ओपीडी बंद होने से मरीज परेशान रहे। 

सीएचसी में तैनात डा. पंकज कुमार ने आला अधिकारियों को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि वह बुधवार को ओपीडी में मरीज देख रहे थे। इस बीच पृथ्वीगंज चौकी इंचार्ज मनोज सिंह पहुंचे और एक सप्लीमेंट्री रिपोर्ट में धारदार हथियार की चोट दिखाने का दबाव बनाने लगे।
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मना करने पर दरोगा भडक़ गए और धमकी देने लगे। जिससे माहौल बिगड़ गया। मामले की शिकायत अधीक्षक तक पहुंचने पर सारे चिकित्सक व स्वास्थकर्मियों ने एकजुट होकर स्वास्थ्य सेवाएं ठप कर दीं। कुछ ही देर में ओपीडी में ताला लटक गया। अधीक्षक डा. महेंद्र कुमार की अगुवाई में इकट्ठा स्वास्थ कर्मियों ने रोष जताते हुए आरोपी दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर डीएम व मुख्य चिकित्साधिकारी को संयुक्त हस्ताक्षर युक्त शिकायती पत्र भेजा।

सूचना पर पट्टी कोतवाल अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्य कर्मियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। हालांकि उनके अनुरोध पर इमरजेंसी बहाल कर दी गई। उधर, दरोगा मनोज कुमार सिंह का कहना है कि सामन्य सी बात हुई थी।

चिकित्सक ने उन्हें ही धमकी देकर वहां से बाहर कर। अधीक्षक डा. महेंद्र कुमार ने बताया कि डाक्टर के साथ दरोगा ने अभद्रता की। कोतवाल ने माफी मांगी, लेकिन स्वास्थकर्मियों के दबाव के आगे मामला सुलझ नहीं सका। 

दिनभर सीएचसी में परेशान हुए मरीज 
सीएचसी में दरोगा व डाक्टर के हंगामे के बाद स्वास्थ सेवाओं के साथ ओपीडी ठप करने से मरीजों को परेशान होना पड़ा। यहां तक कि पैथालॉजी, एक्सरे, दवाओं का वितरण समेत तमाम सुविधाएं रोके जाने से मरीज दिनभर भटकते रहे। 

डीएम को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित ने लगाया रुपये मांगने का आरोप
सलाहपुर गांव निवासी पे्रमचंद के बेटे शिवाजी ने डीएम को शिकायती पत्र देकर कहा है कि उससे चिकित्सालय स्टाफ ने पैसे मांगे थे। पैसे न देने के कारण उसकी चोटें कम दिखाई गई।

पीड़ित के पिता ने डीएम व सीएमओ को पत्र भेजकर मेडिकल बोर्ड का गठन कर बेटे की चोटों का ुआयना कराए जाने की मांग की है। सीएचसी में दरोगा शिवाजी का ही मेडिकल कराने गया था।
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