फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वैक्सीन लगाने में स्वास्थ्य विभाग फिसड्डी !

विज्ञापन
Health Department lags in applying Corona vaccine
विज्ञापन
प्रतापगढ़। जिले में कोरोना संक्रमण बेकाबू है। मृत्यु दर भी बढ़ गई है। इसके बाद बावजूद स्वास्थ्य विभाग लोगों को वैक्सीन लगाने में फिसड्डी साबित हो रहा है। शासन ने जिले में 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों व पहले से बीमारियों से जूझ रहे छह लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य दिया था, लेकिन अभी तक महज एक लाख 37 हजार लोगों का ही टीकाकरण हो सका है। शासन ने टीकाकरण कम होने पर संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया था, लेकिन सीएमओ लापरवाह बने हुए हैं।
विज्ञापन

महामारी कोरोना पर काबू पाने के लिए शासन ने सीएमओ को वैक्सीनेशन पर जोर देने का निर्देश दिया था। हेल्थ वर्कर, सफाई कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों समेत 45 की उम्र पार कर चुके छह लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग को शासन की तरफ से मिला था। इसके बाद भी टीकाकरण में सीएचसी और पीएचसी अधीक्षक रुचि नहीं ले रहे हैं। छह लाख लोगों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक महज एक लाख 37 हजार 44 लोगों को ही टीका लगाया जा सका है। इस बारे में सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने अपना फोन बंद कर लिया। जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि शासन की ओर से मिले लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। र
ानीगंज, लालगंज और अमरगढ़ सीएचसी अधीक्षक सहयोग नहीं कर रहे हैं। सबसे कम टीकाकरण इन तीनों स्थानों पर ही हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में 53 बूथ बनाए गए हैं। कोरोना काल में लोग डर वश बूथ पर टीका लगवाने के लिए नहीं आ रहे हैं। जबकि कोरोना का टीका लगने के बाद संक्रमित होने पर मरीज को जान का खतरा कम हो जाएगा।
विज्ञापन

जिले में वैक्सीन खत्म, पांच हजार डोज लाने के लिए बनारस भेजी गई टीम
पंचायत चुनाव से पहले जिले को कोरोना वैक्सीन की तीन हजार डोज मिली थी। वर्तमान समय में जिले में वैक्सीन खत्म हो गई है। जिला सहायक प्रतिरक्षाधिकारी ने बताया कि एक टीम को वैक्सीन लाने के लिए बनारस भेजा गया है। पांच हजार डोज मिली है। शनिवार देर रात तक जिले में वैक्सीन आ जाएगी। रविवार को बूथों पर भेज दिया जाएगा। रविवार से टीकाकरण शुरू कर दिया जाएगा।
मरीज की फूल रही थी सांस, कंट्रोलरूम से कहा गया, घर ले जाइए
प्रतापगढ़। कोरोना संक्रमित मरीजों की मदद के लिए सीएमओ कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, लेकिन वहां बैठने वाले कर्मचारी मनमानी पर उतारू हो गए हैं। वे मरीजों की मदद करने के बजाए हाथ खड़े कर दे रहे हैं। शनिवार को एक मरीज अस्पताल में भर्ती होने के लिए काफी देर तक परेशान रहा। शिकायत मिलने के बाद डिप्टी सीएमओ ने उसे भर्ती कराया।
शहर के जीआईसी कॉलोनी का रहने वाला एक युवक कोरोना संक्रमित हो गया था। अब तक वह होम आइसोलेशन में था। शुक्रवार रात उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर एलटू अस्पताल पहुंच गए। यहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। जिला अस्पताल में ले जाने के बाद चिकित्सकों ने यह कहकर लौटा दिया कि वह कोरोना संक्रमित है। इसलिए वे भर्ती नहीं कर सकते हैं। मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। परिजन उसके इलाज के लिए परेेशान थे। परेशान घरवालों ने मदद के लिए कोविड कंट्रोल रूम में फोन लगाया तो वहां से जवाब मिला कि मरीज को घर ले जाइए। भर्ती कर इलाज करने की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे मरीज और उसके परिवार के लोग परेशान हो गए। तत्काल मुख्यमंत्री को ट्वीट कर शिकायत की। हालांकि इसकी जानकारी होने पर डिप्टी सीएमओ डॉ. सीपी शर्मा और अपर शोध अधिकारी आरपी चौधरी ने जिला अस्पताल के रेफर लेटर पर मरीज को एलटू अस्पताल में भर्ती कराया।
कंट्रोलरूम में बैठे जिस कर्मचारी ने यह हरकत की है, उसके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस समय कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाना सबसे जरूरी है। -डॉ. सीपी शर्मा, नोडल अधिकारी, एलटू अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें