जिले में दवा का स्टाक रखने के लिए दवा गोदाम भवन का निर्माण कराया जाना था। जिसके लिए जिले में ढाई एकड़ जमीन नहीं मिल रही है। राजस्व विभाग ने बकुलाही नदी के तट पर खाली जमीन का प्रस्ताव रखा, मगर स्वास्थ्य विभाग ने उसे लेने से मना कर दिया। यहां से तीन जिलों को दवाओं की आपूर्ति की जाती।
प्रदेश सरकार ने जनपदवासियों को एक और बड़ी सौगात दी है। ढाई एकड़ भूमि में ड्रग वेयर हाउस का निर्माण कराने के लिए शासन ने स्वास्थ्य विभाग को हरी झंडी दी है। इस गोदाम से पड़ोसी जनपदों में भी पहुंचाने की तैयारी है। दवा गोदाम बनाने के लिए राजस्व विभाग को सीएमओ ने पत्र भेजा। जिसमें कहा गया है कि मुख्य मार्ग से लगी जमीन पर ही गोदाम का निर्माण कराया जाए। मुख्यालय से दस किमी की दूरी पर ही बनाया जाए। राजस्व विभाग ने मुख्यालय से दूर गजेहड़ा जंगल के बकुलाही नदी के करीब दवा गोदाम के लिए भूमि चिन्हित कर स्वास्थ्य विभाग को सूचना भेज दिया। उस जमीन तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता नही है। सीएमओ ने वह भूमि लेने से इनकार करते हुए शहर के दस किमी के मध्य में मेन रोड पर जमीन उपलब्ध कराने के लिए फिर से पत्र भेजा। राजस्व विभाग ने भूमि उपलब्ध कराने से अपना हाथ खड़ा कर दिया है। सीएमओ एके श्रीवास्तव ने बताया कि स्टोर शहर से दस किमी के बीच में बनाया जाना है। जो हाईवे य फिर मेन रोड के किनारे होना चाहिए। जिससे ट्रेलर से लेकर बड़े-बड़े वाहन आ और जा सके। उन्होंने बताया कि ड्रग हब बन जाने के बाद कंपनी से सीधे दवा प्रतापगढ़ आएगी। यहां से जौनपुर, रायबरेली व अमेठी भी दवा भेजी जाती। जमीन मिलने के बाद ही भवन निर्माण की दिशा में काम प्रारंभ होगा।