Heads of 34 villages got relief from the government
नगर पालिका व नगर पंचायतों में शामिल 34 गांवों में अभी प्रधानों की सरकार चलती रहेगी। विकास कार्य समेत अन्य दायित्वों का निर्वहन पंचायतें 30 सितंबर तक करेंगी। दिसंबर माह में पांच साल पूरा होने पर पंचायतों का कार्यकाल खत्म होगा।
कई सालों से नगर पालिका के सीमा विस्तार का मुद्दा अटका हुआ था।
जिसे दिसंबर माह में शासन ने हरी झंडी दी। शहर का दायरा भी बढ़ गया। जिले में तीन नवसृजित नगर पंचायत पृथ्वीगंज, सुवंसा और कोहड़ौर का भी गठन हो गया। नगर पालिका व नगर पंचायतों में कुल 34 ग्राम सभाएं शामिल हुई थीं। जिसे एक अप्रैल से नगरीय निकाय में शामिल हो जाना था। हालांकि मार्च माह में कोरोना वायरस को देखते हुए नगरीय क्षेत्र में शामिल गांवों में प्रधानों का कार्यकाल 30 जून तक बढ़ा दिया गया था। यहां वित्तीय वर्ष में होने वाले विकास कार्यों की जिम्मेदारी पंचायतों के हवाले कर दी गई।
समय पूरा होने पर नगर पालिका व नगर पंचायतों ने अपने तरीके से नगरीय क्षेत्र में शामिल गांवों को शहरी सुविधाओं से सुसज्जित करने की कवायद शुरू कर दी। बुधवार को अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि नगरीय क्षेत्रों में शामिल ग्राम पंचायतें 30 सितंबर तक अपने दायित्वों का निर्वहन करतीं रहेंगी। पत्र आने के बाद 34 ग्राम सभाओं में प्रधानों की सरकार तीन माह तक काम कर सकेगी।