प्रतापगढ़। जिले की जर्जर सड़कों के सुधार को लेकर डीएम अमृत त्रिपाठी के जरिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से की गई सिफारिश रंग लाई है। बेहद खराब कुल आठ सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव डीएम ने सीएम को भेजा था। उनमें से दो सड़कों के निर्माण को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। बाकी सड़कों के प्रस्ताव पर भी जल्द ही मुहर लगना तय है।
कुछ दिन पूर्व सदर विधायक नागेन्द्र सिंह यादव उर्फ मुन्ना के पिता की मौत पर मुख्यमंत्री उनके घर संवेदना व्यक्त करने आए थे। इस दौरान वहां अधिकारियों, सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं का जमघट रहा। आम लोगों की भीड़ भी काफी थी। मुख्यमंत्री लोगों से मिल ही रहे थे कि अचानक वह डीएम की ओर मुखातिब हुए। मौका मिलते ही जिलाधिकारी ने बगैर देर किए मुख्यमंत्री से जिले की जर्जर सड़कों की दशा से अवगत कराया। उन्होंने सड़कों की मरम्मत कराने की सिफारिश की। उनकी सिफारिश को गंभीरता से लेते हुए सीएम ने प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था।
इस पर जिलाधिकारी ने अति जर्जर कुल आठ सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा। इनमें प्रतापगढ़ से कटरागुलाब सिंह मार्ग, प्रतापगढ़ से सुखपालनगर मार्ग, लालगोपालगंज से जेठवारा वाया बाघराय, मानिकपुर किलहनापुर, हथिगवां, बेती और गोतनी घाट मार्ग के साथ कुंडा से हौदेश्वरनाथधाम, भिटारा से कुंडा वाया सकरदहा व बिहार मार्ग एवं देल्हूपुर से पट्टी, गाजी का बाग से मुबारकपुर मार्ग शामिल हैं। इससे भी बड़ी बात यह है कि डीएम के जरिए जिन सड़कों का प्रस्ताव भेजा गया था उनमें प्रतापगढ़ से कटरागुलाब सिंह व प्रतापगढ़ से सुखपालनगर मार्ग के निर्माण की मंजूरी मुख्यमंत्री ने दे दी है। जल्द ही प्रस्तावित अन्य सड़कों के निर्माण को भी मंजूरी मिलना तय है। जिलाधिकारी की इस पहल से आम लोगों में खुशी व्याप्त है। उनका मानना है कि जो पहल जिले के नेताओं को करनी चाहिए थी वह डीएम को करनी पड़ी।