प्रतापगढ़। अमर उजाला ने पहले ही आला अधिकारियों को जेल में बंदियों की दादागीरी से आगाह कराया था। बंदियों तक शराब पहुंचने के साथ ही मोबाइल का जमकर प्रयोग करने का मामला भी उठाया था। आखिर डीएम-एसपी के निरीक्षण में अमर उजाला की बात सच साबित हुई।
जेल में दो बंदियों के साथ हुई मारपीट की घटना को पचाने में जेल प्रशासन ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। जेल में दबंग बंदियों ने पूरी व्यवस्था को अपने कब्जे में ले रखा है। इस बात की तह तक जाने के बाद अमर उजाला ने 1 दिसंबर के अंक में ‘बेकाबू हो सकते हैं जिला जेल के हालात’ शीर्षक से खबर प्रकाशित करते हुए जेल विभाग के अधिकारियों के साथ ही जिला प्रशासन को भी बंदियों की कारगुजारी से अवगत करा दिया था। भले ही जेल प्रशासन कम बंदीरक्षकों का रोना रो रहा हो लेकिन वे ही बंदियों तक जेल में हर प्रतिबंधित सामग्री उपलब्ध करा रहे थे। तभी तो अफसरों के औचक निरीक्षण में शराब की बोतलों के साथ मोबाइल, चरस, चाकू मिला। इससे अमर उजाला की खबर सच साबित हुई।