नए अधिवक्ताओं को मानदेय और बीमा की राशि बढ़ाकर पांच लाख नहीं करने से नाराज अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव का पुतला फूंका। अधिवक्ताओं ने कचहरी में धरना-प्रदर्शन कर चेताया है कि अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस पहल नहीं की, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
अधिवक्ता हित की योजनाएं लागू नहीं होने से अधिवक्ता नाराज हैं। बार कौंसिल के आह्वान पर मंगलवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। अधिवक्ता बीमा राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने, नए अधिवक्ताओं को मानदेय और वृद्ध अधिवक्ताओं को पेंशन देने की मांग कर रहे हैं। जूनियर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर अपना विरोध प्रक ट कि या। इस मौके पर जूबाए अध्यक्ष कमलेश चंद्र पांडेय, गिरीश कुमार मिश्र, धंनजय सिंह, हरिओम पांडेय, आनंद प्रताप सिंह, खलील अहमद, केएन मिश्र, हरीश सैनी, बृजेश प्रताप सिंह, विवेक त्रिपाठी, मनोज त्रिपाठी, सत्य नारायण सिंह, रजनीकांत, उमेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
उधर जूबाए अध्यक्ष भूपेंद्र शुक्ल ने कहा कि अधिवक्ताओं का यह सांकेतिक प्रदर्शन है। अगर सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो आन्दोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर दिनेश पांडेय, गया प्रसाद मौर्य, विनोद त्रिपाठी, राजू सिंह, नीरज ओझा, निर्भय सिंह, विद्यासागर, इंद्रमणि, शैलेश, राहुल, संतोष, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे। इधर बेल्हा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेशचंद्र ओझा और महामंत्री रामेंद्र कुमार गोस्वामी ने अविलंब मानदेय की मांग की है। एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद त्रिपाठी और महामंत्री अनिल सिंह ने भी अधिवक्ताओं की मांग को जायज ठहराते हुए अविलंब अधिवक्ता हित में कदम उठाने की मांग की है।