नकल पर नकेल कसते ही मदरसा बोर्ड के परीक्षार्थियों की संख्या घटकर आधे से भी कम हो गई है। दरअसल अभी तक दुबई में रहने वाले अधिकांश परीक्षार्थी परीक्षा दिए बगैर ही पास कर दिए जाते थे। 11 फरवरी से प्रारंभ होने वाली परीक्षा सीसीटीवी के निगरानी में होगी। मुन्ना भाइयों पर नजर रखने के लिए अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने को गया है।
मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं इस वर्ष यूपी बोर्ड की तर्ज पर होंगी। पिछले वर्ष नकल पर नकेल लगाने का परिणाम रहा कि इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या घटकर आधे से भी कम हो गई है। वर्ष 2018 की परीक्षा में 7489 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जबकि इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या घटकर 3011 पर आ गई है। इसमें 1427 छात्र और 1584 छात्राएं हैं। 11 फरवरी से प्रारंभ हो रही परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में होगी।
इस वर्ष परीक्षा में मुन्नाभाई की विशेष तलाश रहेगी। दरअसल, मदरसा बोर्ड की परीक्षा में बड़ी संख्या में मुन्नाभाई परीक्षा देते हैं। परीक्षा फार्म भरने के बाद दुबई और मुंबई में रहने वाले परीक्षार्थी डिग्री के लिए मदरसा संचालकों से सौदा कर लेते हैं। ऐेसे में उनके स्थान पर कोई अन्य व्यक्ति बैठकर परीक्षा दे देता है, और पास होने पर डिग्री प्रदान कर दी जाती है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने बताया कि नकलविहीन परीक्षा कराने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है। केंद्र व्यवस्थापकों को सीटिंग प्लान बनाकर लगाने को कहा गया है।