मोबाइल का नहीं करता था प्रयोग
पुलिस के रिकॉर्ड में गुफरान नगर कोतवाली के पूरनपुर पटखान का मूल निवासी था। गुफरान तक पुलिस के न पहुंचने की वजह उसका मोबाइल प्रयोग न करना था। वह मोबाइल का उपयोग बहुत ही कम करता था। जब भी किसी से बात करनी होती थी तो अपने दोस्त के फोन से करता था।
तनवीर के पिता को बाइक सवार लोगों ने सुलह के लिए दी थी धमकी
मृतक तनवीर के पिता नसीर को चार दिन पहले शहर जाते समय जेल रोड के करीब बाइक सवार नकाबपोश लोगों ने सुलह न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इससे पूरा परिवार खौफजदा था। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने नसीर को सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराया था।
परिवार से अनबन के चलते किराए पर रहता था परिवार
पूरनपुर पठखान निवासी रिजवान ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजर बसर करता था। परिवार के लोगों से अनबन के चलते वह पत्नी नसरीन के साथ पहले आजाद नगर, कांशीराम काॅलोनी जोगापुर फिर प्रयागराज में किराए पर कमरा लेकर रहता था।
एसटीएफ के एक सिपाही व प्रधान को मुठभेड़ का ठहराया जिम्मेदार
सवा लाख के इनामी बदमाश गुफरान को पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की खबर मिलते ही मां नसरीन रोती बिलखती पहले अपने मायके लीलापुर के शाहीपुर कटवढ़ पहुंची। उसने आरोप लगाया कि एसटीएफ के एक सिपाही व प्रधान ने गुफरान को मुठभेड़ में मरवाने की धमकी दी थी। रात में एसटीएफ की टीम जब उसे उसके बेटे उठाया तो उससे पहले उन कमरों को बाहर से बंद कर दिया था, जिसमें परिवार के लोग थे। घटना की जानकारी के बाद गुफरान के ननिहाल से लोग उसका शव लेने रवाना हुए। उसके मामा जाकिर व शाकिर मुंबई में रहते हैं।
बकरीद के दस दिन बाद होनी थी गुफरान की शादी
नसरीन ने बताया कि गुफरान की शादी भी तय थी। बकरीद के दस दिन बाद उसका विवाह होना था। मुठभेड़ में मारे जाने के बाद गुफरान का घर बसने से पहले ही उजड़ गया।
अल्लाह ने सजा दी, मिला सुकून
नगर कोतवाली के नसीर अहमद का कहना है कि दोस्ती के नाम पर कलंक बनकर जिस तरीके से गुफरान ने उसके बेटे तनवीर की हत्या की, अल्लाह ने उसकी सजा उसे दे दी। अल्लाह के हर फैसले को हम सब लोगों ने कुबूल किया है। पुलिस व कानून पर पूरा भरोसा था। उसे इंसाफ मिलने की उम्मीद थी। मुठभेड़ की जानकारी पर मृतक तनवीर के परिजनों के अलावा आसपास के लोग बोले, जैसी करनी वैसी भरनी।
तांत्रिक की पत्नी ने जताई खुशी
फतनपुर थाना क्षेत्र के खड़गराय नई कोट निवासी तांत्रिक लालता शर्मा की 21 सितंबर 2019 को घर के करीब नहर के पास हत्या कर दी गई थी। तांत्रिक की हत्या में गुफरान,सरसू, शहजाद आलम उर्फ भइया, शहबाज, शादाब उर्फ टूटी, डब्बू उर्फ शादाब शामिल थे। मंगलवार को गुफरान के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर पर परिवार के लोगों ने खुशी जताई। बेटे रोहित के अलावा मंजू देवी ने कहा कि अब न्याय मिला है, हम इससे संतुष्ट हैं।