Governance has the responsibility of bringing morsel to the stomachs of the hungry: Moti Singh
- फोटो : PRATAPGARH
गरीबों को भूखे पेट सोने नहीं दिया जाएगा। उन्हें राशन पहुंचाना प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी है। महामारी के चलते देश और प्रदेश में संकट का दौर है। ऐसे में गरीब, मजदूर और बेबस लोगों तक बगैर किसी भेदभाव के राशन तथा भोजन के पैकेट पहुंचाए जाने चाहिए।
जिन गरीब लोगों का राशनकार्ड न बना हो, उन्हें आधार कार्ड के जरिए कोटेदार से राशन दिलवाए जाने की जिम्मेदारी पूर्ति विभाग के अधिकारियों की है। इसके साथ ही तहसील प्रशासन के अधिकारी भी इसकी मानीटरिंग करें। यह बातें उत्तर प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने ब्लॉक सभागार में तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक के दौरान कहीं।
कैबिनेट मंत्री मोती सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराए जाने तथा लाकडाउन का सख्ती से पालन कराए जाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि केवल सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए ही कोरोना की चेन को तोड़ा जा सकता है। इस मौके पर उनके द्वारा सफाई कर्मियों को मास्क का वितरण भी किया गया।
उन्होंने तहसील के समस्त खंड विकास अधिकारियों को मनरेगा मजदूरों को काम दिए जाने का भी निर्देश दिया है। समीक्षा बैठक में एसपी पूर्वी सुरेंद्र द्विवेदी, क्षेत्राधिकारी रमेशचंद्र, एसडीएम डीपी सिंह, तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता, ब्लाक प्रमुख राकेश कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी ओमप्रकाश मिश्रा, मीडिया प्रभारी विनोद पांडे समेत तमाम लोग मौजूद रहे। ब्लॉक सभागार में संपन्न हुई इस बैठक में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।