जिले के 3264 स्कूलों में अब फिर से एमडीएम मिलना शुरू हो जाएगा। शासन की ओर से एमडीएम के लिए 9,89,63,000 रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। अप्रैल के बाद से कनवर्जन कास्ट और रसोइयों के मानदेय का भुगतान नहीं किया गया था। इससे कई स्कूलों में एमडीएम का चूल्हा ठंडा हो गया था।
जिले के प्राइमरी, मिडिल, सहायता प्राप्त मिडिल, राजकीय और सहायता प्राप्त हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में एमडीएम के तहत कनवर्जनकास्ट, फल वितरण के लिए और रसोइयों के मानदेय की धनराशि भेज दी गई है। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि कनवर्जन कास्ट के रूप में 6,67,75,000 रुपये, फल वितरण के लिए 1,75,00000 रुपये और रसोइयों के मानदेय के लिए 1,46,88000 रुपये भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि 3264 स्कूलों के एमडीएम खाते में यह धनराशि पहुंचने से स्कूलों में नियमित रूप से भोजन और फल वितरण हो सकेगा। रसोइयों का यह मानदेय जुलाई माह से दिसंबर तक के लिए है। रसोइया का मानदेय बढ़ा नहीं है, इसलिए अभी एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान किया गया है।
पांच हजार बच्चों को आज मिलेगी थाली, गिलास
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले पांच हजार बच्चों को धनतेरस के अवसर पर थाली और गिलास का वितरण किया जाएगा। पहले चरण में जिले के पांचों तहसीलों में एक प्राइमरी और एक मिडिल स्कूल का चयन किया गया है। शुक्रवार को सदर तहसील का मुख्य कार्यक्रम सुखपालनगर बीआरसी पर होगा। पट्टी में मिडिल स्कूल दिशनी, रानीगंज में प्राइमरी स्कूल सुरवामिश्र का पुरवा, लालगंज में प्राइमरी स्कूल खालसा सादात और कुंडा में प्राइमरी स्कूल जमेठी में कार्यक्रम का आयोजन कर बच्चों को थाली और गिलास वितरित किया जाएगा।