चाइनीज की झालरों की बजाए दार्जलिंग और असम की मिट्टी से बने देशी दीये इस बार दिवाली पर घरों को जगमगाएंगे। कोलकाता की शुद्ध माटी से तैयार गणेश-लक्ष्मी की मोहक मूर्ति के बीच चुनार के लाल और इलाहाबाद के चमकीले बजरंग बली को विराजमान कर श्रद्धालु पूजा करेंगे। धनतेरस की पूर्व संध्या पर बाजार में खरीदारों की भीड़ ने अपने देश की माटी से बने सामानों के प्रति जो देशभक्ति दिखाई, उसे लग रहा है कि आने वाले समय में स्वदेशी वस्तुएं तेजी से प्रचलन में आएंगी।
इस बार दिवाली पर चाइनीज झालरों, रंगीन बल्ब और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामानों को लोग तवज्जो नहीं दे रहे हैं। धनतेरस की पूर्व संध्या पर बाबागंज, चौक घंटाघर पर मिट्टी के दीयों की खरीदारी जमकर हुई। दार्जलिंग और असम से आए विशेष प्रकार के देशी दीये बाजारों की रौनक बढ़ा रहे हैं। लक्ष्मी पूजन में इस दीये का बड़ा महत्व है। यह गिरने पर जल्दी टूटता नहीं है। मूर्तियों की बात की जाय तो कोलकाता की गणेश-लक्ष्मी की आकर्षक मूर्तियाें की धूम मची हुई है। चुनार के लाल वाले हनुमान और इलाहाबाद के चमकीले रंग से रंगे हनुमानजी ने भी दुकानों पर धमाल मचाया हुआ है। मिट्टी के सामानों के साथ मूर्तियों का बिजनेस कर रहे गाजी ने बताया कि इस बार मिट्टी के बने दीये की धूम है। ग्राहक देशी दीये की डिमांड कर रहे हैं।