जिले के 3243 आंगनबाड़ी केंद्रों पर नामांकित 1,29,720 नौनिहालों के लिए खुशखबरी है। एक मार्च से इन बच्चों को पका-पकाया भोजन मिलेगा। शासन ने कनवर्जन कास्ट के लिए 77.82 लाख रुपये खाते में स्थानान्तरित कर दिया गया है। इसी माह के अंत तक राशन पहुंचते ही योजना का शुभारंभ हो जाएगा।
जिले से कुपोषण को दूर करने के लिए शासन ने एक बार फिर हौसला पोषण मिशन प्रारंभ करने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 26,895 कुपोषित और 16,452 बच्चे अतिकुपोषित है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत 1,29,720 बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए अब बच्चों को पका-पकाया भोजन परोसा जाएगा।
सभी केंद्रों पर पौष्टिक भोजन मुहैया कराने के लिए कनवर्जन कास्ट के रुप में मिले 77.82 लाख रुपये खाते में भेज दिए गए हैं, जबकि राशन आने का इंतजार है। फिलहाल विभाग की इस पहल से उन बच्चों को काफी राहत मिलेगी,जो गरीबी का दंश झेलकर पढ़ाई कर रहे हैं। बच्चों को सिर्फ पका-पकाया भोजन ही नहीं मिलेगा, बल्कि दूध और फल भी नियमित रुप से मिलेगा। सपा कार्यकाल में कुपोषण के खिलाफ अभियान चलाने के लिए योजना प्रारंभ की थी, मगर योगी सरकार के सत्ता में आते ही योजना समाप्त कर दी गई थी।
मगर विभागीय समीक्षा में योजना उपयोगी नजर आने पर एक बार फिर प्रारंभ करने की पहल की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार यादव ने बताया कि योजना एक मार्च से पूरे जिले में प्रारंभ हो जाएंगी।