सहज जनसेवा केंद्रों से बन रहे आयुष्मान भारत के फर्जी गोल्डेन कार्ड
सौ रुपये लेकर बना दे रहे फर्जी कार्ड, डीआईयू टीम की जांच में खुली पोल
दो लोकवाणी केंद्र संचालक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई के लिए लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। आयुष्मान भारत योजना के पात्र मरीजों का गोल्डेन कार्ड बनाने के नाम पर लूट मची है। सहज जनसेवा केंद्र और लोकवाणी केंद्र संचालक फर्जी कार्ड बनाकर लोगों को लूट रहे हैं। सीएमओ की ओर से गठित डीआईयू टीम की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी गोल्डेन कार्ड बनाने वाले लोकवाणी और सहज जनसेवा केंद्र संचालक के खिलाफ लिखापढ़ी शुरू कर दी है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीब परिवारों का पांच लाख रुपये तक का फ्री इलाज होना है। इस योजना के तहत जनपद के एक लाख 36 हजार परिवारों को जोड़ा गया है। 44 हजार लोगों ने अपना गोल्डेन कार्ड बनवा लिया है। ज्यादातर लोग गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए सहज जनसेवा या फिर लोकवाणी केंद्र जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह सामने आया है कि इन केंद्रों पर अपात्रों से डेढ़ से दौ सौ रुपये लेकर फर्जी गोल्डेन कार्ड जारी कर दिया जा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब फर्जी कार्ड लेकर दस लोग इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंच गए। जांच के दौरान कार्ड को रिजेक्ट कर दिया गया। सीएमओ की ओर से गठित डीआईयू टीम में शामिल आयुष्मान भारत योजना के प्रोग्राम मैनेजर डा. सुधाकर सिंह, इंजीनियर विवेक मिश्र और अंजनी श्रीवास्तव ने फर्जी गोल्डेन कार्ड लेकर पहुंचे लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि फर्जी गोल्डेन कार्ड लोकवाणी और सहज जनसेवा केंद्र से बने हुए हैं। इनमें राजाराम नाम का एक युवक पकड़ा गया। उसने बताया कि वह अपात्र है। उसके गांव में गरीब परिवार से जुड़ा राजाराम नाम करा एक युवक रहता है। उसके नाम पर उसने कार्ड बनवाया है।
चिलबिला बाजार स्थित शिवम सहज जनसेवा केंद्र संचालक से मिलकर उसने फर्जी कार्ड बनवाया था। इसी तरह अनुराग कुमार, अमित, शाहरुख, निशा को भी टीम ने फर्जी गोल्डेन कार्ड के साथ पकड़ लिया। इन लोगों ने भी बताया कि सहज जनसेवा केंद्र से कार्ड बनवाए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनका फर्जी कार्ड अपने पास रख लिया। फर्जी गोल्डेन कार्ड जारी करने वाले जनसेवा और लोकवाणी केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस को तहरीर दी गई है। वहीं प्रोग्राम मैनेजर डॉ सुधाकर सिंह का कहना है कि आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्रों के घर पर गोल्डेन कार्ड आशा बहू, ग्राम प्रधान और एएनएम के माध्यम से वितरण किया जा रहा है। जिन लोगों को कार्ड मिल रहा है उन्हें कार्ड नहीं बनवाना होगा। यदि कोई परिवार में बीमार होता है तो वह सीएमओ आफिस में पहुंचकर अंजनी कुमार श्रीवास्तव से संपर्क कर सकता है।