दूसरे राज्यों में हो रही बारिश का प्रभाव जनपद में दिखने लगा है। क्षेत्र के प्रमुख गंगा घाट कालाकांकर, मानिकपुर, हौदेश्वरनाथ, करेंटी आदि में जलस्तर बढ़ा है। इससे नाविकों के रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है।
घाट से पर नदी का पानी भरने से पुरोहितों की परेशानी बढ़ गई है। इससे पुरोहितों की चौकियां और छप्पर डूबने लगे हैं। आननफानन चौकियों को नदी से बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया गया है। जल स्तर बढ़ने से नाविकों के रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है। पहले घाट पर पानी न होने से श्रद्धालुओं को नाव से जाना पड़ता था। इससे नाविकों को प्रतिदिन आमदनी होती थी। लेकिन अब पानी का जल स्तर बढ़ा तो नावें ठप हो गईं।
नाविक रामचंद्र, सुभाष, नरेश, मनोहर ने बताया कि अब दो से तीन महीने तक आमदनी नहीं होगी। जल स्तर बढ़ने पर मछली पकड़ने का काम भी ठप हो जाता है। तीर्थ पुरोहित नंदलाल मिश्रा ने बताया कि दो दिनों के अंदर जल स्तर काफी बढ़ा है। बीच में दिखने वाले बालू के टीले भी गायब हो गए हैं।