मानिकपुर गंगा घाट पर डूबी पुरोहितों की झोपड़ी व पूजा स्थल। संवाद
- फोटो : पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतका निशा के परिजन, मौजूद पुलिस। संवाद
पिछले दो-तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से तराई क्षेत्र व किनारों पर बसे लोग परेशान हैं। शनिवार को मानिकपुर के शाहाबाद घाट पर गंगा में गिरने वाले नाले पर बने पुल के ऊपर पानी पहुंच गया। इससे पुल से आवागमन करने वाले लोगों को दूसरे रास्ते का सहारा लेना पड़ा।
एक सप्ताह पूर्व गंगा का जलस्तर घटने पर तीर्थ पुरोहित चौकियां और छप्पर घाट के करीब ले आए थे। फिर से पानी बढ़ने से पुरोहित अपनी चौकियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुटे हैं। कई लोगों को सामान निकालने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा।
वहीं, गंगा तट पर स्थित अवधेश्वरनाथ धाम में भी मंदिर के आसपास का निचला हिस्सा और सीढ़ियां बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। तीर्थ पुरोहित नंदलाल मिश्रा, गिरजा शंकर दुबे, सुजीत मिश्रा, प्रदीप मिश्रा, संदीप मिश्रा, लालू मिश्रा ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से परेशान हैं। तराई में रह रहे लोगों में बस्तियों में पानी घुसने का डर बना हुआ है। एडीएम आदित्य प्रजापति ने बताया कि गंगा के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है। कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है।
मानिकपुर गंगा घाट पर डूबी पुरोहितों की झोपड़ी व पूजा स्थल। संवाद- फोटो : पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतका निशा के परिजन, मौजूद पुलिस। संवाद