बुधवार की शाम सई नदी के तट पर स्थित मां बेल्हादेवी धाम पर आस्था और भक्ति का विहंगम नजारा दिखा। सई नदी के तट से लेकर पूरा मंदिर परिसर आस्था के दीपों से जगमग हो उठा। श्री गंगा दशहरा महोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने 108 शंखों की ध्वनि के बीच 11515 दीपों से मां आदि गंगा सई की भव्य आरती की। वैदिक मंत्रों की गूंज व मां के जयकारे से पूरा वातावरण गूंजायमान हो उठा। मुख्य गेट से लेकर सई तट तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। दीपों की रोशनी व आतिशबाजी से बिखरी सतरंगी छटा देखते ही बन रही थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चप्पे- चप्पे पर पुलिस तैनात रही।
गंगा दशहरा पर्व पर बुधवार को सुबह से ही मां बेल्हादेवी धाम व सई नदी के तट पर गंगा दशहरा महोत्सव की तैयारी शुरू हो गई थी। श्री गंगा दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष मुन्ना सिंह, संयोजक समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य व व्यवस्थापक राजा पंडा के नेतृत्व में पदाधिकारी मंदिर परिसर को फूल-मालाओं एवं इलेक्ट्रिानिक झालरों से सजाने में जुटे थे। मां बेल्हादेवी धाम परिसर से सई तट तक बालिकाएं व महिलाएं रंगोली बना रही थीं। तट पर तीन जगह 108 पुरोहितों को शंख बजाने के लिए मंच बनाया गया था। पश्चिम दिशा की ओर मां सई नदी के झांकी मंचन के लिए मंच बनाया था। दोपहर तीन बजे से सई नदी के तट से लेकर धाम परिसर तक दीप रखे जाने लगे। महाआरती की तैयारी शुरू हो गई। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। हाथों मेें दीपक व पूजन अर्चन की सामग्री लिए महिलाओं, पुरुषों व बच्चों की भीड़ मंदिर में चहुंओर दिखने लगी। हर तरफ आस्था और भक्ति का रेला था। शाम छह बजे तक मंदिर परिसर में तिल रखने तक की जगह नहीं थी। सूर्य के अस्त होते ही सई नदी के तट पर वैदिक मंत्र व भक्तिमय गीत गूंजने लगे। वैदिक मंत्रों के बीच पूजन-अर्चन हुआ। इसके बाद 108 शंखों की गूंज के बीच महाआरती शुरू हुई। घंट- घड़ियाल, ढोल, नगाड़े के बीच अध्यक्ष मुन्ना सिंह, संयोजक रोशनलाल उमरवैश्य, राजा पंडा, विनोद पांडेय, आशीष सिंह, प्रदीप शुक्ला, संजय खंडेलवाल, डा. दयाराम मौर्य, श्रीकिशोर अग्रवाल ने मां की भव्य आरती उतारी। सभी को नदी व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया। देर रात तक मंदिर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सीओ, एसडीएम सदर, नगर कोतवाल भारी पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रहे।
सई का झांकी मंचन देख भावविभोर हुए लोग
गंगा दशहरा पर पर्व श्री गंगा दशहरा महोत्सव समिति द्वारा मां सई का झांकी मंचन आयोजित किया गया। मां सई का झांकी मंचन देख हर कोई भक्तिभावना से ओतप्रोत दिखा। सई के भक्तिमय गीतों पर पौराणिक कथाओं पर आधारित झांकी मंचन भी किया गया।
ढाई घंटे तक आतिशबाजी
मां सई की महाआरती के दौरान ढाई घंटे तक आतिशबाजी की गई। फुलझड़ी, सतरंगी रैकेट व रोशनी से सतरंगी छटा दिखी। पूरा वातावरण जगमग हो उठा।
श्रद्धालुओं को बांटे तुलसी के पौधे
महाआरती के बाद संयोजक समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य सहित सभी पदाधिकारियों ने जगह-जगह स्टाल लगाकर श्रद्धालुओं को तुलसी के पौधे वितरित किए। उन्हें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही संरक्षण के लिए संकल्प भी दिलाया।
जगह-जगह लगा जाम, हलाकान हुई पुलिस
मां सई की महाआरती में शामिल होने के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही। चारपहिया वाहन, बाइक, ई-रिक्शा के चलते जगह-जगह जाम लगने लगा। सबसे ज्यादा समस्या ई-रिक्शा के चलते हुई। बेतरतीब पार्किंग से भीषण जाम लगा रहा। जाम हटाने के लिए पुलिस वाले पसीना बहाते रहे।
सेल्फी लेने की होड़
सई नदी के तट का विहंगम नजारा देखते ही बन रहा था। दीपों की जगमगाहट के बीच श्रद्धालुओं की भीड़ में हर कोई सेल्फी लेने का प्रयास करता रहा। बच्चों एवं युवाओं से सबसे ज्यादा होड़ दिखी।
दीपों से जगमग हुआ घाट, गूंजे जयकारे
चिलबिला स्थित सच्चा बाबा आश्रम के मनोज ब्रह्मचारी महाराज के नेतृत्व में सई नदी तट पर मां सई की महाआरती की गई। शंखों की गूंज व दीपों की रोशनी पूरा वातावरण जगमग हो उठा। इस दौरान विधि-विधान से लोगों पूजन-अर्चन किया। सई तट पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही।