कचहरी के समीप चौराहे पर लीची बेचता दुकानदार। संवाद
गर्मी में बाजार में लीची की आवक बढ़ने लगी है, लेकिन दाम अधिक होने की वजह से उसकी मिठास कम हुई है। लोगों का जायका भी बिगाड़ा है।
महुली मंडी समेत अन्य बाजारों में इस समय बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से लीची आ रही है। कारोबारियों के अनुसार ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने और डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने से फलों की कीमत बढ़ी है।
फल व्यापारी जयकरन वर्मा ने बताया कि स्थानीय बाजार में करीब 70 प्रतिशत लीची बिहार से आ रही है। बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाली लीची महुली मंडी में 120 से 150 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। छोटे दुकानदार फुटकर में 180 से 200 रुपये किग्रा तक बेच रहे हैं।
फल विक्रेता शिवा साहू ने बताया कि मौसम अनुकूल रहने के कारण इस बार लीची की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन बढ़ते परिवहन खर्च ने दाम बढ़ा दिए हैं। व