कुंडा। करीब आठ साल पहले स्वास्थ्य महकमे में हुई बीसीपीएम भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मामला संज्ञान में आने पर सीएमओ ने कारण बताओ नोटिस जारी कर कालाकांकर सीएचसी में नियुक्त बीसीपीएम से जवाब मांगा है। मामले का खुलासा होने पर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है।
परियावां के परसई पाइकगंज निवासी सुमन पाल ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि अर्हता पूरी न रखने के बावजूद कालाकांकर सीएचसी में बीसीपीएम के पद पर चयन कर दिया गया। मामले की शिकायत के बाद सीएमओ ने दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया। रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि बीसीपीएम प्रमोद कुमार मौर्य ने स्नातक हिंदी, संस्कृत और शिक्षा शास्त्र विषय से किया है। यह बात बीसीपीएम ने भी जांच कमेटी के सामने स्वीकार किया। जबकि बीसीपीएम की अर्हता समाज कार्य, रूरल डेवलेपमेंट के साथ एडमिनिस्ट्रेशन के साथ दो वर्ष का अनुभव निर्धारित था। सीएमओ डॉ. एएन प्रसाद ने बीसीपीएम को नोटिस देते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।