फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ्रैक्चर गैंग का सदस्य है छात्रा पर हमले का आरोपी

Wed, 08 Feb 2017 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
अखिलेश के गांव से 30 किमी. दूर 30 मिनट तक पिटती रही महिला - फोटो : self
विज्ञापन

विज्ञापन
 एमडीपीजी कॉलेज में छेड़खानी का विरोध करने पर दिव्यांग छात्रा को पीटने के आरोपी मनचले के खिलाफ पुलिस ने 24 घंटे के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। कॉलेज में घुसकर इस तरह की हिमाकत के बावजूद बुधवार को पुलिस दूसरे दिन सिर्फ उसे चिह्नित करने का दावा करती रही। पता चला है कि वह फ्रैक्चर गिरोह का सदस्य है। पुलिस का कहना है कि सभी को दबोचने के लिए टीमों को लगाया गया है।

बतादें कि नगर के एमडीपीजी कॉलेज में मंगलवार को दिव्यांग छात्रा को छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक ने पीटा था। इस मामले में पीड़ित छात्रा ने पुलिस को तहरीर दी। मगर, परिजनों के कहने पर उसने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने से मना कर दिया। इसके बाद भी पुलिस उस पर हमला करने वाले युवक की तलाश में जुट गई। मोबाइल नंबर को ट्रेस करने के साथ ही हमला करने व साथ में मौजूद युवकों की खोजबीन करती रही। नगर कोतवाल ने बताया कि छात्रा पर हमला करने का आरोपी भुलियापुर का रहने वाला फ्रैक्चर गैंग का सदस्य है। उसने ही छात्रा पर हमला किया था।
विज्ञापन


उसकी व उसके साथियों को चिह्नित कर लिया गया है। सभी की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। कॉलेज के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को पुलिस ने हिदायत दी है कि यदि कोई भी छात्र बिना ड्रेस के और बाहरी युवक कॉलेज के भीतर मिले तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन


फिर चर्चा में आया फ्रैक्चर गैंग
प्रतापगढ़। शहरियों में वर्ष 2013 में फ्रैक्चर गैंग का खौफ था। वे छोटे विवाद में कूद पड़ते थे और दुश्मनों का हाथ पैर तोड़ने के बाद फायरिंग कर लोगों को दहशत में डालते थे। कालेज में हुई घटना के बाद फिर फ्रैक्चर गैंग का नाम चर्चा में आया है। इस गैंग में करीब दो दर्जन युवक शामिल थे। सभी के पास अपाची व पल्सर बाइकें थीं। वे एक साथ बाइकों से अचानक मोहल्लों में पहुंचते और अपने विरोधियों व उसके परिवार को भयभीत करने के लिए अंधाधुंध फायरिंग करते। वे सामने आने वाले का हाथ पैर भी तोड़ देते थे। तत्कालीन शहर कोतवाल पहुप सिंह ने गैंग का नाम सामने लाते हुए सदस्यों पर शिकंजा कसा था। विवेकनगर में फायरिंग के मामले में एक लेखपाल के बेटे का नाम भी सामने आया था। हालांकि पुलिस की सख्ती के बाद गैंग धीरे-धीरे बिखर गया। गैंग के सदस्य भले ही चोरी चुपके कोई घटना अंजाम देते रहे हो लेकिन खुलेआम वारदात करने से बचते रहे। एमडीपीजी कालेज की घटना में फिर कोतवाली पुलिस ने इस गैंग के सदस्य फहीम का नाम सामने लाया है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें