बेसिक शिक्षा विभाग में टीईटी की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी कर रहे चार शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। छह साल से पहले नौकरी ज्वाइन करने वाले इन शिक्षकों पर विभाग के ही कर्मचारियों की कृपा बरस रही थी। सत्यापन में एक बार सही डिग्री दिखाकर वेतन भुगतान ले रहे थे, मगर शिकायत होने पर अफसरों की आंखें खुलीं। जिसके बाद दोबारा सत्यापन कराकर चारों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई। बीएसए ने बीईओ से मुकदमा दर्ज कराने और वेतन की धनराशि की रिकवरी करने का आदेश दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2016 में 15,000 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने वाले चार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि लालगंज ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल भोजपुर में तैनात सहायक अध्यापिका वंदना सिंह, बाबागंज के प्राइमरी स्कूल कोडरखुर्द की सहायक अध्यापक मो. इकबाल, बाबागंज के प्राइमरी स्कूल सरायमती के सहायक अध्यापक राम प्रकाश धोबी और बेलखरनाथधाम ब्लाक के प्राइमरी स्कूल नौहरहुसैनपुर के सहायक अध्यापक नौशाद अली के बारे में शिकायत मिली थी।