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प्रतापगढ़ : फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले चार शिक्षक बर्खास्त, सत्यापन में खुली पोल

Thu, 17 Nov 2022 08:17 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2016 में 15,000 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने वाले चार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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बर्खास्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेसिक शिक्षा विभाग में टीईटी की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी कर रहे चार शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया। छह साल से पहले नौकरी ज्वाइन करने वाले इन शिक्षकों पर विभाग के ही कर्मचारियों की कृपा बरस रही थी। सत्यापन में एक बार सही डिग्री दिखाकर वेतन भुगतान ले रहे थे, मगर शिकायत होने पर अफसरों की आंखें खुलीं। जिसके बाद दोबारा सत्यापन कराकर चारों शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई। बीएसए ने बीईओ से मुकदमा दर्ज कराने और वेतन की धनराशि की रिकवरी करने का आदेश दिया है। 

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बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्ष 2016 में 15,000 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने वाले चार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि लालगंज ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल भोजपुर में तैनात सहायक अध्यापिका वंदना सिंह, बाबागंज के प्राइमरी स्कूल कोडरखुर्द की सहायक अध्यापक मो. इकबाल, बाबागंज के प्राइमरी स्कूल सरायमती के सहायक अध्यापक राम प्रकाश धोबी और बेलखरनाथधाम ब्लाक के प्राइमरी स्कूल नौहरहुसैनपुर के सहायक अध्यापक नौशाद अली के बारे में शिकायत मिली थी।

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इनकी टीईटी डिग्री की जांच कराई गई। जिसमें डिग्री फर्जी मिलने पर शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया गया था। फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी पाने वाले के आरोपी शिक्षक जवाब देने के बजाय स्कूल छोड़कर फरार हो गए। बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तीन नोटिस जारी करने के बाद चारों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारियों से सम्बंधित थाने में मुकदमा दर्ज कराने और वेतन राशि की रिकवरी करने को कहा है।


गोपनीय शिकायत पर हुई जांच
बीएसए ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई शिकायत के आधार पर की गई है। उन्हें गोपनीय तरीके से शिकायत मिली थी कि शिक्षक  फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी की जा रही है ।  उसी शिकायत के आधार पर उनके अभिलेखों की जांच कराई गई, जो जांच में शिकायत सही पाई गई और शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया।


बीएसए अब तक कर चुके हैं 13 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त 
बीएसए भूपेंद्र सिंह ने अपने कार्यकाल में अभी तक 13 शिक्षकों को बर्खास्त कर चुके हैं। यह सभी शिक्षक फर्जी टेट की डिग्री लगाकर नौकरी कर रहे थे। दो माह पहले नौ शिक्षिकाओं की डिग्री फर्जी मिली थी। जिन्हें बीएसए ने बर्खास्त किया था। हालांकि पांच वर्ष में 78 शिक्षकों को फर्जी डिग्री पर नौकरी करते के आरोप पुष्ट होने पर बर्खास्त किया जा चुका है।
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