नगर पालिका परिषद बेल्हा क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में खाली प्लाॅटों में पड़ी गंदगी अब सिर दर्द बनने लगी है। एनजीटी (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) ने पर्यावरण के लिए खतरा बने खाली प्लाॅट स्वामियों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सालों से बिना चहारदीवारी के 607 खाली प्लाॅट चिह्नित किए गए हैं। ऐसे प्लाॅट की सफाई व चहारदीवारी कराने को नोटिस दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी गंदगी मिलती है तो नगर पालिका प्लाॅट मालिकों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाएगी।
एनजीटी के निर्देश पर नगर पालिका की ओर से ऐसे खाली प्लाॅट को चिह्नित करने की कवायद हो चुकी है।
अब उन्हें नोटिस थमाने की कवायद चल रही है। यदि भवन स्वामी नहीं चेते तो पहले पांच सौ रुपये जुर्माना लगेगा। यदि हालात में परिवर्तन नहीं होता तो जुर्माने की राशि बढ़ाई भी जाएगी। पालिका प्लाॅट की सफाई के लिए अपना बोर्ड लगाएगी। इस पर खर्च होने वाली धनराशि प्लाॅट स्वामी से वसूला जाएगा।
मलिन बस्तियों के खाली प्लाॅटों में पड़ रही गंदगी कूड़ा फेंकने से स्वच्छ भारत मिशन को भी धक्का लग रहा है। पॉश कालोनियों से लेकर मलिन बस्तियों में खाली प्लाॅटों में गंदगी को लेकर पालिका में भी शिकायतें की जा रही हैं।
शहर के जोगापुर, आजाद नगर, पड़ाव वार्ड, महुली, सहोदरपुर, कांशीराम कालोनी कालोनी, सदर बाजार समेत 25 वार्डों में खाली प्लाॅटों में चहारदीवारी नहीं है, जिससे लोग उसमें गंदगी फेंकते हैं।
नगर पालिका कर्मचारी इन खाली प्लाॅट की सफाई नहीं करते हैं, जिससे दुर्गंध के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अब खाली प्लाॅट के स्वामी स्वयं सफाई कराएंगे। अब यह नियम कितना परवान चढ़ेगा, यह तो अफसरों की सक्रियता पर निर्भर है।