सौभाग्य योजना के तहत जिले का हर घर बिजली से रोशन हो सकेगा। इस योजना में बिजली से वंचित जिले के छह हजार मजरों को रोशन किया जाएगा। इसके लिए 389 करोड़ का बजट पास हो गया है। मजरों को चिह्नित कर विभाग ने सूची तैयार कर ली है। अफसरों की मानें तो जुलाई माह के अंतिम चरण से कार्य शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार की ओर से हर घर को रोशन करने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत हुई है। इसके तहत जिले में बिजली से वंचित सभी मजरोें को विद्युतीकरण से संतृप्त करने की तैयारी है। दिसंबर माह में योजना के तहत कार्य शुरू करने की पहल की गई, मगर पं. दीनदयाल विद्युतीकरण योजना में घपलेबाजी के प्रकरण के चलते आगे की औपचरिकता शुरू नहीं हो सकी। बाद में जिले में सौभाग्य योजना के लिए 389 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ। विभागीय अधिकारियों ने योजना के संचालन की कवायद शुरू की। बिजली से वंचित मजरों को चिह्नित करने का कार्य शुरू किया। रानीगंज, पट्टी, कुंडा, लालगंज, सदर क्षेत्र में विद्युत विभाग की टीम ने भ्रमण कर मजरों की सूची तैयार की। बिजली से वंचित जिले के छह हजार मजरोें को चिह्नित किया जा चुका है। जगह-जगह पोल व उपकरण गिराए जा रहे हैं। विद्युतीकरण का कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि मजरों को चिह्नित करने का कार्य अभी शुरू है। माना जा रहा है कि योजना के तहत छह हजार मजरों को विद्युतीकरण से संतृप्त किया जाएगा। जुलाई माह के अंतिम चरण से कार्य शुरू हो जाएगा।