रिकार्ड तोड़ बारिश से जिले में फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तेज हवा के साथ हुई बारिश से फसलों की बर्बादी देख किसानों के सूखे होंठ कांप रहे हैं। अफसरों का अनुमान है कि गेहूं की पैदावार को करीब 12 प्रतिशत जबकि मटर और सरसों के उत्पादन में दो फीसदी की हानि पहुंची है। जबकि आम की पैदावार भी प्रभावित होने का अनुमान है। कृषि विभाग का मानना है कि संभावित नुकसान का यह मोटा आंकलन है यह इससे ज्यादा भी हो सकता है।
जिले के एक लाख 48 हजार 725 हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसलों का आच्छादन हुआ है। प्रति हेक्टेयर लगभग 29 क्विंटल गेहूं की पैदावार होती है। इस तरह जिले में लगभग 43 लाख 13 हजार 25 क्विंटल गेहूं के उत्पादन का सपना कृषि विभाग देख रहा था। शनिवार से सोमवार और कुछ दिन पूर्व तेज हवा के साथ हुई बारिश का अफसरों की इस उम्मीद पर पानी फिर गया। इस तरह नुकसान के अनुमानित प्रतिशत पर गौर करें तो जिले में करीब पांच लाख 17 हजार 443 क्विंटल गेहूं बेमौसम बरसात से खेत में ही सड़ गया। सरसों की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।
जिले के दो ब्लॉक कुंडा और कालाकांकर आम के लिए खास जाने जाते हैं। इन इलाकों में आम के बाग व इस फल के उत्पादन में आगे बागवानाें को देख उद्यान विभाग ने इस क्षेत्र को फल पट्टी घोषित कर दिया है। बाकी क्षेत्रों में आंवला की बागवानी होती है। हालांकि बेमौसम इस बरसात व हवा का आंवला बागवानों को तनिक भी नुकसान नहीं हुआ। जिला उद्यान अधिकारी आरबी सिंह कहते हैं कि आंवले की फसल टूट चुकी है इस पानी से वे बाग की जुताई कर खाद उसमें खाद डाल सकते हैं।