प्रतापगढ़। नवाबगंज इलाके में डाल्फिन को पीट-पीटकर मारे जाने की घटना के बाद वन विभाग नींद से जागा है। अब वन एवं जलीय जीवों को बचाने एवं उनके संरक्षण के लिए वन विभाग गांव-गांव वन प्रहरी रखने जा रहा है। ये लोग वन्य जीवों को न सिर्फ बचाने का प्रयास करेंगे, बल्कि किसी तरह की अनहोनी पर तुरंत वन विभाग को सूचना देंगे। वन्यजीवों को बचाने पर वन विभाग उन्हें इनाम भी देगा।
जिले में रानीगंज, पट्टी, संडवाचंद्रिका, सदर, कुंडा सहित सात वन रेंज हैं। इन इलाकों में वन्य के साथ जलीय जीव भी पाए जाते हैं। हिरन, सियार, लोमड़ी, जंगली बिल्ली समेत कई वन्य जीव हैं। इसके अलावा अजगर के मामले में मंडल में जिले का पहला स्थान है। जिले में करीब छह नदियां हैं। जिनमें कई प्रकार के जलीय जीव पाए जाते हैं।
कुंडा व सदर वन रेंज में अक्सर तेंदुए की भी दस्तक होती रहती है। मगर यहां लोग वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर जागरूक नहीं हैं। आए दिन लोग वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाते हैं। जिले में अब तक कई वन्य जीव अपनी जान गंवा चुके हैं। कई बार ऐसा भी देखा जाता है जब गांव में वन्यजीवों को कुत्ते व अन्य जानवर घायल कर देते हैं। इलाज के अभाव में उनकी जान चली जाती है। इसे देखते हुए वन विभाग वन्य जीवों के संरक्षण को लेकर नई पहल शुरू करने जा रहा है।
वन विभाग की ओर से गांव-गांव वन प्रहरी रखे जाएंगे। ये गांव व आस-पास के इलाकों में वन्य जीवों से संबंधित किसी भी तरह की घटना के बारे में विभाग को सूचना देंगे। कहीं यदि उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है, तो उन्हें बचाने का कार्य करेंगे। वन्य जीवों को बचाने वाले वन प्रहरियों को पुरस्कृत किया जाएगा। डीएफओ वरुण सिंह ने बताया कि वन्यजीवों एवं जलीव जीवों के संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान शुुरू किया जाएगा। इसके लिए अलावा गांवों में वन प्रहरी रखे जाएंगे।
गांव-गांव बांटे जाएंगे पंफलेट
डीएफओ वरुण सिंह ने बताया कि वन्यजीवों एवं जलीय जीवों के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव वन प्रहरी रखे जाएंगे। साथ ही लोगों को पंफलेट बांटकर वन्य जीवों के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।