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Pratapgarh News: तत्काल टिकट के लिए एक दिन पहले काउंटर पर लाइन लगा रहे परदेसी

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सहालग व गर्मी की छुट्टियों के कारण ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाना परदेसियों की यात्रा में बाधा बन रहा है। दिल्ली, मुंबई सहित अन्य स्थानों से आने वाली ट्रेनों में नो रूम या लंबी वेटिंग चल रही है। तत्काल आरक्षण का टिकट पाने के लिए बुकिंग काउंटर पर कुछ ही सेकेंडों में बुक होने से भी टिकट नहीं मिल पा रहा है। रात भर लाइन लगा कर टिकट की चाह में पहुंचने वालों को सुबह काउंटर खुलते ही मायूस होना पड़ रहा है। लाइन में आगे पीछे होने को लेकर मारपीट भी हो रही है।
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घर, परिवार या रिश्तेदारी में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने घर आए लोग वापस मुंबई, दिल्ली गुजरात, हैदराबाद आदि स्थानों पर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। कन्फर्म टिकट न मिलने से लोग परेशान हैं। लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल ट्रैक पर संचालित काशी विश्वनाथ, पद्मावत, पंजाब मेल, उद्योग नगरी, भोपाल-प्रतापगढ़, वाराणसी-सूरत-मुबंई स्पेशल, प्रयागराज रूट पर साकेत एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में नो रूम तक की स्थिति बनी है। तत्काल कोटे का टिकट लेने के लिए रात भर स्टेशन पर लाइन लगाने के बाद कुछ ही सेकेंड में टिकट बुक होने से यहां भी रेल यात्रियों को राहत नहीं मिल पा रही है। स्टेशन अधीक्षक शमीम अहमद का कहना है कि नियमित टिकटों की बुकिंग नियमानुसार हो रही है।

एसी और स्लीपर कोच में नहीं मिल रही जगह
मंगलवार को तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगे लोगों को न तो एसी में जगह मिली और न ही स्लीपर कोच में। ऐसे में कई यात्री मायूस होकर लौट गए। दिल्ली में रहने वाले पूर्वी सहोदरपुर निवासी मोहित कुमार ने बताया कि तीन दिन से तत्काल कोटे का टिकट लेने के लिए परेशान हैं लेकिन, टिकट नहीं मिल पा रहा है। दहिलामऊ निवासी महताब वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। मुंबई से मालिक का फोन आ रहा है, जाना भी जरुरी है। लेकिन कंफर्म टिकट नहीं मिलने से लग रहा है कि अब वेटिंग के टिकट पर भीड़ में यात्रा करनी होगी। अन्य परदेसियों का भी यही हाल है।
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महज 58 सेकेंड में ही बुक हो जा रहे तत्काल कोटे के सभी टिकट

तीन दिन से सदर बाजार के मोहन व चिलबिला के रवींद्र कुमार ही नहीं दूसरे जनपदों के दूर-दराज गांवों के दर्जनों लोग रोजाना तत्काल टिकट के लिए रेलवे आरक्षण कार्यालय पहुंच रहे हैं। भूखे-प्यासे पूरी रात जागकर काटते हैं। मुसाफिर खाने में रुक कर समय काटते हैं। फिर भी दूसरे दिन सुबह लाइन में लगने के बाद निराशा ही हाथ लग रही है। महज 58 सेकेंड में ही तत्काल कोटे के सभी कंफर्म टिकट बुक हो जा रहे हैं। कभी सर्वर दगा दे जाता है। 95 फीसदी टिकटों की बुकिंग दुकानों पर फर्जी साफ्टवेयर लेकर बैठे दलाल ही बुक कर ले हैं। लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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