प्रतापगढ़। नौकरी का झांसा दे कर एक व्यक्ति यहां से 13 मजदूरों को ले जा कर मुंबई के ओसरा में बंधुआ मजदूरी करा रहा था। किसी तरह मौका पा कर भागे पांच मजदूर शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। पुलिस अधीक्षक के नाम मिलने पर उन लोगों ने उनके दफ्तर में शिकायती पत्र दिया। मांग किया कि अभी भी वहां फंसे आठ लोगों को बंधुआ मजदूरी से आजाद कराया जाय।
कंधई इलाके के टेकार गांव में स्थित एक प्राइवेट कंपनी के मोबाइल टॉवर पर डेरवा निवासी दीपक सरोज गार्ड के पद पर तैनात था। वह 13 अप्रैल को गांव के ही अंके (12) पुत्र रामलखन, दीवानगंज निवासी उमेश (14) पुत्र गनपत, सुंदरपुर निवासी दीपचन्द्र (25) पुत्र ललई, राजेश (15) पुत्र गांधी, शैलेन्द्र (17) पुत्र छोटेलाल, मोहित (15) पुत्र संतलाल, अर्जुन (21) संग्रामपुर निवासी मुंशी (20), अर्जुन (21), इन्द्र कुमार (14), सूरज कुमार (14) अशोक (15) जवाहर लाल (18) दीपक (14) को एक लिमिटेड कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मुंबई शहर के ओसार गांव के करीब ले गया। वहां इन लोगों को नसीम नाम के एक व्यक्ति हवाले कर दिया गया।
सप्ताह भर पहले उमेश, दीपचन्द्र, राजेश, शैलेन्द्र व मोहित किसी तरह जंगल के रास्ते से भाग कर शुक्रवार को घर आए वहां से एसपी कार्यालय पहुंचे। इन पांचों ने बताया कि वहां उन लोगों से 24 घंटे आम की कटाई कराई जा जा रही थी। घर लौटने की बात पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी। उन लोगों ने बताया कि यहां के करीब आठ लोग अब भी वहां फंसे हैं। पांचों ने एसपी कार्यालय में शिकायती पत्र दे रक उन्हें बंधुआ मजदूरी से आजान कराने की मांग की है।
प्रतापगढ़। सुंदर पुर निवासी अर्जुन की शादी जून में तैय है। परिजन यहा उसके शादी की तैयारी कर रहे थे। और वह महाराष्ट्र में बंधक बन मजदूरी कर रहा है।
घर पहुंचने के बाद भी सहमे रहे मजदूर
फैक्ट्री मालिक की मार व फटकार से सहमे लोग एसपी ऑफिस में भी नहीं बोल पा रहे थे। इसी में से कुछ एसे लोग है जो सदमा में आ गए है। उनसे कुछ भी पूछेजाने पर बस एक ही जवाब देते है कि मालिक अभी मारेगा।