उद्यान विभाग से सब्जी और प्याज के बीज पर अनुदान लेने वाले किसानों को पहले अनुदान की रकम जमा करनी होगी। बीज मिलने के बाद अनुदान की रकम किसानों के खाते में वापस भेज दी जाएगी। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है। मगर किसान इससे किनारा काट रहे हैं।
उद्यान विभाग में 125 हेक्टेयर सब्जी और 40 हेक्टेयर प्याज की खेती करने के लिए किसानों को शत-प्रतिशत अनुदान पर बीज मुहैया कराने का आदेश है। अभी तक चयनित किसानों के अभिलेख मुहैया कराने पर आवंटित कार्यदायी संस्था से मुफ्त में बीज दिया जाता था। बीज का मूल्य विभाग कार्यदायी संस्था को अदा कर देती थी। मगर इसमें व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते यह नियम लागू किया गया है। दरअसल कार्यदायी संस्था किसानों को बीज दिए बिना भी उनके नाम से पैसा ले लेती थी, लेकिन अब यदि किसान पैसा जमा किए रहेंगे तो वह पैसा भी सीधे उन्हीं को वापस किया जाएगा। इससे बिचौलियों का काम खत्म हो जाएगा।
वर्जन-
पारदर्शिता बनाने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। किसान जितना बीज लेना चाहते है, उतनी धनराशि पहले विभाग में जमा करनी होगी। बाद में यह धनराशि उनके खाते में भेज दी जाएगी।
- सुनील कुमार , जिला उद्यान अधिकारी
क्या कहते हैं किसान -
0 यह कैसी व्यवस्था है कि बीज देने से पहले किसानों से उतना मूल्य जमा कराया जा रहा है। किसानों को बीज विभाग नहीं देगा, बल्कि कार्यदायी संस्थाएं बीज मुहैया कराएंगी। ऐसे में जमा की गई धनराशि मिलने की संभावना कम होती है।
श्रीनाथ तिवारी, राजा का पुरवा
0 किसानों को उलझाया जा रहा है। किसान रुपये जमा तो कर दें, मगर बीज कब मिलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं ले रहा है। वैसे भी जब बुवाई का समय निकल जाता है, तो बीज आता है। ऐसे में इस तरह की योजनाएं सफल नहीं होंगी।
बलवंत सिंह,पूरे चौहान