नगर कोतवाली के भुपियामऊ में रविवार को प्रयागराज के पार्षद मुन्ना शुक्ला पर हमले के बाद हुई मारपीट व फायरिंग के मामले में आधी रात को समझौता हो गया। भुपियामऊ के लोगों व राहगीरों की जान खतरे में डालने वालों के प्रभाव के आगे पुलिस ने घुटने टेक दिए। घटना के बाद पुलिस अफसर देर रात तक दोनों पक्षों से पुलिस लाइन में पूछताछ करते रहे।
प्रयागराज के गोविंदपुर के पार्षद मुन्ना शुक्ला के ऊपर रविवार को भुपियामऊ स्थित एक होटल पर चाय पीने के दौरान सोरांव के चंदन यादव पक्ष के लोगों ने हमला बोला था। लग्जरी वाहनों से पहुंचे हमलावरों ने लोगों के साथ मारपीट के दौरान होटल संचालक को पिस्टल सटा दिया। कुछ लोग फायरिंग करने लगे। होटल संचालक को पिस्टल सटाने के बाद लोग भड़क गए। हमलावरों को दौड़ाकर पीटा। बाद में पार्षद समेत दोनों पक्ष के आठ लोगों को कोतवाली लाया गया।
पार्षद पक्ष से घायल शिवा यादव और दूसरे पक्ष से चंदन के भाई भाष्कर यादव को गंभीर चोट आने के कारण प्रयागराज भेज दिया गया। जहां दोनों का प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। इधर पार्षद समेत दूसरे पक्ष के लोगों से देर रात तक पुलिस लाइन में पुलिस अधिकारी पूछताछ करते रहे। रात करीब पौने बारह बजे दोनों पक्षों को फिर कोतवाली लाया गया। हिरासत में लिए गए लोगों के प्रभाव के आगे पुलिस को झुकना पड़ा। दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
पुलिस भी अपनी फजीहत से बचने के लिए सभी को रातोंरात कोतवाली से छोड़ दिया। जबकि भुपियामऊ चौराहे पर दिनदहाड़े मारपीट कर फायरिंग करने वाले हमलावरों की करतूत से आसपास के लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। नगर कोतवाल ने बताया कि दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। इस वजह से जाने दिया गया।
लखनऊ से अफसर व नेताओं का घनघनाता रहा फोन
भाजपा पार्षद मुन्ना शुक्ला व दूसरे पक्ष के चंदन यादव के करीबियों को छोड़ने के लिए लखनऊ में बैठे अफसर व नेता लगातार फोन करते रहे। जिले के अधिकारियों के साथ ही नगर कोतवाल के मोबाइल पर लगातार फोन आ रहा था। सत्ता दल के नेताओं के प्रभाव में आकर लोगों की जान खतरे में डालने वाले हमलावरों पर पुलिस पर रहमदिल बन गई। यहां तक कि दोनों पक्ष के लोगों को चोटें आईं थी। फिर भी किसी भी पक्ष के लोगों का शांति भंग की आशंका में चालान तक नहीं किया गया। जिसकी सोमवार को भुपियामऊ में खासी चर्चा रही। कोतवाली में भाजपा नेताओं का भी डेरा लगा रहा।