सरकारी हो या निजी अस्पताल, ओपीडी में बुखार पीड़ितों की भरमार है। ओपीडी में हर दिन औसतन पांच से सात सौ मरीज पहुंच रहे हैं। सुबह आठ बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपीडी के बाहर लोग कतार लगाए अपनी बारी की प्रतीक्षा करते हैं। इस भीड़ से मरीज ही नहीं, तीमारदार भी परेशान हैं। लोगों को परामर्श के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर के बैठने का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। मगर इन दिनों बुखार रोगियों की संख्या इतनी बढ़ गई है कि चिकित्सकों को ओपीडी छोड़कर हटने का मौका तीन बजे के बाद मिल रहा है। वहीं मरीजों को ओपीडी पर्चा बनवाने और चिकित्सकों को दिखाने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। परामर्श के लिए लंबा इंतजार भी करना पड़ रहा है।
सर्दी-जुकाम के साथ बुखार पीड़ितों की परेशानी तीन से पांच दिन में नहीं कम हो रही है। चिकित्सकों के मुताबिक कई मरीजों को दस दिन से बुखार जकड़े है। उन्हें हड्डियों में दर्द और सिर भारी होने की परेशानी भी बनी है। ऐसे मरीजों में कुछ को लक्षण के आधार पर डेंगू संक्रमित मानकर जांच कराई जा रही है।
-
सरकारी अस्पताल में बेड फुल
मेडिकल कॉलेज के मेडिकल और चिल्ड्रेन वार्ड के साथ इमरजेंसी वार्ड बुखार पीड़ितों से फुल है। मरीजों को जरा सी राहत मिलते ही चिकित्सक उन्हें दवा देकर घर भेज रहे हैं। जिससे गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा सके।