सई का जलस्तर दिनोंदिन बढ़ता ही जा रहा है। रविवार के मुकाबले सोमवार को जलस्तर में और वृद्धि दर्ज की गई। नदी के उफान पर होने के चलते सदर बाजार के दर्जनों घरों में पानी घुस गया है। इससे अधिकांश लोग घर छोडक़र चले गए हैं। कुछ लोग गांव चले गए हैं तो कुछ ने दूसरों के घरों में शरण ली है। रास्ते में पानी भरने के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। उधर, सांगीपुर और संडवा चंद्रिका के दर्जनों गांवों में सई का पानी घुस गया है। इससे लोग परेशान हैं।
शनिवार से भले ही बरसात नहीं हुई, मगर सई नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। बेल्हा देवीधाम में भूूगर्व जल विभाग ने जो खतरे का निशान बनाया है, उससे तो काफी दूर है, मगर रविवार छह मीटर पर बहने वाली पानी सोमवार को छह इंच और बढ़ गया। इधर सई का पानी बेल्हादेवी धाम के पीछे रहने वाली बस्ती में घुस गया है। पानी भरा होने से सदर बाजार निवासी प्रवीण पटेल, पवन पटेल, सूर्य नारायण चौरसिया, राम कुमार पाल, राम प्रसाद वर्मा, रामअधार घर छोडक़र गांव चले गए हैं। जबकि जगभवन, राम किशोर के घरों में पानी भरा हुआ है। पानी भरा होने से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। संक्रामक रोग फैलने का खतरा मंडराने लगा है।
संडवा चंद्रिका विकास खंड के त्रिलोकपुर विसई, पूरे बैरीशाल, रसूलपुर गुलरहा, ताला सिरिस्ताबाद, मत्तूपुर बोझी सहित दर्जनों गांव में सई का पानी घुस गया है। त्रिलोकपुर विसई गांव में सडक़ पर तीन फिट पानी भरा हुआ है, तो पूरे बैरीशाल में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। इधर चमरोधा नदी का पानी बाबू का पुरवा, गाजीपुर, कालू का पुरवा, चिगुड़ा, हुड़हा गांव में कहर बरपा रही है।
सई का जलस्तर और बढने की संभावना अब नहीं है। बचाव और राहत की तैयारी की गई है।
सुधीर कुमार पाल, प्रभारी अधिकारी बाढ़ और नियंत्रण।