संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष समेत चार वकीलों पर गैंगस्टर की कार्रवाई होने पर आक्रोशित वकीलों ने जिलाधिकारी का पुतला फूंका। अध्यक्ष की अगुवाई में हाईवे पर जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। जिलाधिकारी पर तहसीलदार को बचाने का आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी के पुतला फूंकने की जानकारी तहसील प्रशासन को नहीं हो सकी।
तीन दिनों पहले संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह समेत अधिवक्ता विकास मिश्र, संदीप सिंह व आसिफ अली के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी। इसकी जानकारी के बाद वकीलों में आक्रोश पनप उठा। दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को तहसील खुली तो पुलिसिया कार्रवाई पीछे जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए हड़ताल पर चले गए और परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह की अगुवाई में वकील लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर पहुंच गए।
करीब पंद्रह मिनट तक जाम लगाने के बाद वकीलाें ने जिलाधिकारी का पुतला फूंका। पुतला फूंकने के दौरान वकीलों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाए। इस मौके पर अध्यक्ष राव वीरेंद्र सिंह ने कहा कि जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह वकीलों से अभद्रता करने वाले तहसील को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएम के इशारे पर कोतवाली पुलिस ने वकीलों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की है। उधर तहसील प्रशासन व कोतवाली पुलिस ने जानकारी से जिला प्रशासन का पुतला फूंकने की जानकारी होने से इंकार किया है। इस बारे में जवाब देने के लिए तहसील के अधिकारी कतराते रहे। सीओ वीआर प्रेमी ने कहा कि पुतला फूंकने से पहले पुलिस को सूचना देनी होती है। लेकिन कोई चोरी से किसी का पुतला फूंक दे तो क्या किया जाए। उन्हाेंने बताया कि उनकी जानकारी में ऐसा नहीं है फिर भी जांच कराने के बाद पुतला फूंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।