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गौशाला में चारा व पानी की कमी से पांच गायों की मौत

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गौशाला में चारा व पानी की कमी से पांच गायों की मौत
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सामने आई जिला प्रशासन की लापरवाही, लेखपाल की रिपोर्ट बनी अफसरों की गले की फांस
संागीपुर के शुकुलपुर की सरकारी गौशाला में दिनभर हुई लीपापोती
अमर उजाला ब्यूरो
लालगंज। सरकारी गौशाला में चारा व पानी के अभाव में पांच गायों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी पर आला अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। लेखपाल ने पशुओं की मौत के लिए शेड न होने व चारा-पानी के अभाव की आख्या देकर लापरवाही को सीधे जिम्मेदार ठहराया। लेखपाल की आख्या से बैकफुट पर आया प्रशासन मामले में लीपापोती करता रहा।
सांगीपुर विकास खंड के शुकुलपुर श्रीपुर में शासन के निर्देश पर आवारा पशुओं की देखभाल के लिए सरकारी गौशाला का निर्माण कराया गया है। गौशाला में बड़ी संख्या में पशुओं को रखा गया है। गुरुवार को लापरवाही के चलते गौशाला में पांच गायों की मौत हो गई। अचानक पांच गायों की मौत की जानकारी पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। जानकारी मिलने पर इलाकाई लेखपाल सूर्यकांत चौरसिया ने गुरुवार की शाम गौशाला में गायों की मौत की जानकारी करने पहुंचे। लेखपाल की जांच में चौंकाने वाला मामला सामने आया। तहसील प्रशासन को सौंपी रिपोर्ट में लेखपाल ने बताया कि शेड के आभाव व खाना पानी की कमी से गायों की मौत हुई है। इसका मतलब साफ है कि गौशाला में मवेशियों को खाना पानी नही दिया जा रहा है। चिलचिलती धूम में पशुओं को खुले आसमान के नीचे रखा गया। जिससे कड़ी धूप में खाना पानी के आभाव में तड़पकर पांच गायों की मौत हो गई। लेखपाल की रिपोर्ट में लापरवाही उजागर होने की जानकारी मिलते ही तहसील प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। एसडीएम मोहनलाल गुप्ता शुक्रवार को दिनभर गौशाला में गायों की मौत को लेकर छानबीन करते रहे। एसडीएम ने लेखपाल की आख्या को गलत बताते हुए उसको कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अपनी कमी छुपाने के लिए लेखपाल को झूठा साबित करने में जुटा है। एसडीएम का दावा है कि लेखपाल बिना मौके पर पहुंचे ही गलत आख्या दे दी, जबकि लेखपाल का कहना है कि मौके पर जांच के बाद जो मिला उसकी आख्या दी गई है। उधर पशु अस्पताल के टीम से आख्या मांगी गई तो उसमें भी साफ तौर पर शेड छोटा होने से मवेशियों का धूप में रखे जाने की पुष्टि हुई है। पशु अस्पातल की टीम की आख्या में यह यह भी पाया गया कि प्रधान के खाते में खाने व पीने की व्यवस्था के लिए एक लाख रूपए भेजा गया है। ऐसे में पशुओं को खाने पीने की कमी आना चिंता की बात ही है। जाहिर है कि सरकारी गौशाला में मवेशियों की मौत धूप में रखने व खाना पानी के आभाव में हुई है। लेकिन प्रशासन इस गंभीर मामले की लीपापोती करने में जुटा है।
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वर्जन--
लेखपाल की आख्या असत्य है। जिन मवेशियों की मौत हुए है, वह बहुत कमजोर थे। गौशाला में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं पायी गई। मवेशियों के खाने पीने समेत सभी सुविधाओं का ख्याल रखा जा रहा है।
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मोहनलाल गुप्ता, एसडीएम, लालगंज
इनसेट--
कहां गई खाने व पीने के लिए भेजी रकम
लालगंज। शुकुलपुर स्थित गौशाला में पशुओं की देखभाल व खाने पीने की व्यवस्था के लिए शासन की ओर से हरसंभव सुविधाएं मुहैया कराई गई है। लेकिन पांच गायों की मौत से यहां हो रही लापरवाही की कलई खुल गई। पशुओं के बेहतर खान पान के लिए लाखों रूपए उपलब्ध कराए गए, इसके बाद भी यहां रखे गए पशुओं को खाने पीने के लाले पड़ गए हैं। साफ है कि सरकारी गौशाला में पशुओं के खाने पीने का इंतजाम नहीं किया जा रहा है। खामियां उजागर होने के बाद इसे दुरुस्त करने के बजाय सच्चाई को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। अगर मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो गौशाला में पशुओं की देखभाल के नाम पर बड़े गोरखधंधे का खुलासा हो सकता है।
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